AI समिट में साजिश का बड़ा खुलासा: डीपफेक और साइबर हमले की थी तैयारी, सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते नाकाम किया प्लान
अंतरराष्ट्रीय आयोजन को बदनाम करने की थी कोशिश, संदिग्धों से डिजिटल उपकरण जब्त

नई दिल्ली: देश में आयोजित अंतरराष्ट्रीय AI समिट के दौरान एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। खुफिया एजेंसियों की सतर्कता से इस संभावित खतरे को समय रहते टाल दिया गया। बताया जा रहा है कि कुछ संदिग्ध AI तकनीक का दुरुपयोग कर समिट के दौरान भ्रम और अव्यवस्था फैलाने की योजना बना रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल्स की मदद से डीपफेक वीडियो, फर्जी ऑडियो क्लिप और साइबर अटैक की रणनीति तैयार की थी। इसका मकसद आयोजन की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाना था।
खुफिया इनपुट के बाद हुई कार्रवाई
मामले में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
AI तकनीक के दुरुपयोग पर बढ़ी चिंता
जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपियों का मकसद AI जनित कंटेंट के जरिए अफवाह फैलाना, डिजिटल सिस्टम को बाधित करना और समिट के दौरान माहौल को अस्थिर करना था।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच जारी
फिलहाल एजेंसियां इस साजिश के पीछे किसी बड़े नेटवर्क या विदेशी कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं। पूरे मामले में तकनीकी फॉरेंसिक टीम की मदद ली जा रही है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।




