महिला स्वास्थ्य एवं कुपोषण प्रबंधन शिविर में 350 गर्भवती माताओं एवं 153 कुपोषित बच्चों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
गर्भवती माताओं को पोषणयुक्त आहार एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने की कलेक्टर ने दी सलाह

निवाड़ी। निवाड़ी कलेक्टर जमुना भिड़े के निर्देशन में आयुष विभाग एवं एकीकृत बाल विकास परियोजना पृथ्वीपुर के संयुक्त सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पृथ्वीपुर में विकासखण्ड स्तरीय महिला स्वास्थ्य एवं कुपोषण प्रबंधन शिविर का आयोजन किया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल झमनानी ने बताया कि जिला प्रशासन के तत्वाधान में गर्भवती माताओं एवं कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य सुधार, पोषण स्तर में वृद्धि एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में चिन्हित हाई रिस्क गर्भवती माताओं एवं कुपोषित बच्चों की जिला चिकित्सालय से आई स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा आर्या तथा शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सर्वेश पांडे द्वारा जांच कर आवश्यक उपचार एवं जटिलताओं का प्रबंधन किया गया।

एनीमिया से ग्रसित गर्भवती माताओं को आयरन सुक्रोज एवं एफसीएम इंजेक्शन की डोज प्रदान की गई।
शिविर में उपस्थित कलेक्टर श्रीमती भिड़े ने सभी गर्भवती माताओं को संबोधित करते हुए कहा कि गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें, संतुलित एवं पोषणयुक्त आहार लें तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं, जिससे प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं का समय रहते प्रबंधन किया जा सके।

शिविर के दौरान विकासखण्ड के विभिन्न ग्रामों से आशा कार्यकर्ताओं द्वारा लगभग 350 गर्भवती माताओं को लाया गया, वहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से एकीकृत बाल विकास परियोजना पृथ्वीपुर अंतर्गत चिन्हित 153 कुपोषित बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया।
आयुष विभाग द्वारा कुपोषित बच्चों को सुवर्णप्राशन औषधि का सेवन भी कराया गया।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. विनोद कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित आयुष चिकित्सा शिविर में 122 महिलाओं एवं बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक औषधियां वितरित की गईं।

शिविर के सफल आयोजन में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पृथ्वीपुर अशोक सेन, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. गजेंद्र कुमार निरंजन सहित स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा।




