राष्ट्रपति भवन में बदलेगी इतिहास की पहचान: एडविन लुटियंस की प्रतिमा हटेगी, सी. राजगोपालाचारी को मिलेगा स्थान
‘मन की बात’ में पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, औपनिवेशिक विरासत से आगे बढ़ने का संदेश

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (22 फरवरी) को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के दौरान एक अहम घोषणा करते हुए बताया कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक परिसर राष्ट्रपति भवन में लगी ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस की प्रतिमा को हटाया जाएगा। उनकी जगह स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर-जनरल सी. राजगोपालाचारी की मूर्ति स्थापित की जाएगी।। औपनिवेशिक प्रतीकों से मुक्ति की दिशा में कदम
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि आजादी के दशकों बाद भी राष्ट्रपति भवन परिसर में ब्रिटिश प्रशासकों और वास्तुकारों की प्रतिमाएं बनी रहीं, जबकि स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले भारतीय महानायकों को वहां स्थान नहीं मिल सका। उन्होंने इस निर्णय को औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति की दिशा में एक प्रतीकात्मक लेकिन महत्वपूर्ण कदम बताया। राजाजी को मिलेगा सम्मानजनक स्थान
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सी. राजगोपालाचारी, जिन्हें ‘राजाजी’ के नाम से भी जाना जाता है, स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर-जनरल थे और उन्होंने प्रशासनिक, सामाजिक और वैचारिक स्तर पर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राष्ट्रपति भवन में उनकी प्रतिमा स्थापित करना भारत के लोकतांत्रिक इतिहास को सम्मान देने जैसा है।। राष्ट्रीय पहचान के पुनर्स्मरण की पहल
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश अब अपनी विरासत और पहचान को नए सिरे से संजोने के प्रयास कर रहा है। ऐसे निर्णय आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान से जोड़ने का कार्य करेंगे।





