India-US Trade Deal पर भारत का बड़ा बयान, 500% टैरिफ धमकी के बीच अमेरिका को साफ संदेश
अमेरिका के बिना भी भारत की आर्थिक रफ्तार नहीं रुकेगी, अब किसी एक देश पर निर्भर नहीं है भारतीय अर्थव्यवस्था : अर्थशास्त्री आशिमा गोयल

नई दिल्ली।
India-US Trade Deal में लगातार हो रही देरी और अमेरिका की ओर से 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी के बीच भारत की तरफ से बेहद मजबूत और आत्मविश्वास से भरा बयान सामने आया है। प्रख्यात अर्थशास्त्री और RBI की मौद्रिक नीति समिति की सदस्य आशिमा गोयल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भारत की आर्थिक वृद्धि अब किसी एक देश पर निर्भर नहीं है और अमेरिका के बिना भी भारत की ग्रोथ रफ्तार बनाए रख सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अब उस दौर से निकल चुकी है, जब किसी एक बड़े ट्रेड पार्टनर के फैसलों से देश की विकास यात्रा प्रभावित होती थी। आज भारत के पास विविध व्यापारिक विकल्प, मजबूत घरेलू बाजार और आत्मनिर्भर नीतियों का सहारा है।

अमेरिकी टैरिफ धमकी पर भारत का आत्मविश्वास
India-US Trade Deal को लेकर अमेरिका की सख्त शर्तों और 500% टैरिफ जैसी चेतावनियों पर प्रतिक्रिया देते हुए आशिमा गोयल ने कहा कि ऐसे कदमों से अमेरिका को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। भारतीय उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाने से अमेरिकी उद्योगों और उपभोक्ताओं पर लागत बढ़ेगी, जिससे वहां की
अर्थव्यवस्था पर भी दबाव पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि भारत ने बीते वर्षों में अपने निर्यात बाजारों का विस्तार किया है और अब यूरोप, मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और एशियाई देशों के साथ व्यापार लगातार मजबूत हो रहा है।
घरेलू मांग और निवेश बना भारत की ताकत

अर्थशास्त्री आशिमा गोयल के मुताबिक भारत की ग्रोथ का सबसे बड़ा आधार अब घरेलू मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और नीतिगत सुधार हैं।
सरकार की मेक इन इंडिया, PLI योजना, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान जैसी पहलों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक झटकों से काफी हद तक सुरक्षित कर दिया है।
उन्होंने कहा कि भारत अब केवल कच्चा माल निर्यात करने वाला देश नहीं रहा, बल्कि वैल्यू एडेड मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में भी बड़ी भूमिका निभा रहा है।
“अमेरिका महत्वपूर्ण है, लेकिन अनिवार्य नहीं”
आशिमा गोयल ने साफ किया कि अमेरिका भारत का अहम व्यापारिक साझेदार जरूर है, लेकिन भारत अब सिंगल-मार्केट डिपेंडेंसी से बाहर आ चुका है।
भारत की विदेश और व्यापार नीति अब मल्टी-एलायनमेंट पर आधारित है, जिससे किसी एक देश के दबाव का असर सीमित रहता है।
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India-US Trade Deal में देरी और टैरिफ धमकियों के बीच भारत ने यह साफ कर दिया है कि देश की आर्थिक नींव मजबूत है।
आज भारत एक आत्मनिर्भर, लचीली और विविध अर्थव्यवस्था के रूप में उभर चुका है, जो वैश्विक दबावों का सामना करने में सक्षम है।
यही वजह है कि अमेरिका की सख्ती के बावजूद भारत शांत, आत्मविश्वासी और मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है।




