सांसदों की हाजिरी होगी सख्त: सीट से अटेंडेंस अनिवार्य, भत्तों पर भी पड़ सकता है असर
28 जनवरी से लागू होगा नया अटेंडेंस सिस्टम, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का बड़ा फैसला; गैरहाजिरी अब नहीं होगी नजरअंदाज

लखनऊ/नईदिल्ली। लोकसभा सांसदों की उपस्थिति व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब सांसदों को अपनी निर्धारित सीट से ही हाजिरी लगानी होगी, लॉबी या सदन के बाहर से अटेंडेंस लगाने की पुरानी व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इस नए सिस्टम की घोषणा लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लखनऊ में की। यह व्यवस्था 28 जनवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र से प्रभावी होगी।

स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य संसद की कार्यवाही में गंभीरता, अनुशासन और वास्तविक भागीदारी सुनिश्चित करना है। अब केवल औपचारिक हाजिरी लगाकर सदन से बाहर चले जाना संभव नहीं होगा।
क्या भत्तों में होगी कटौती?
नए अटेंडेंस सिस्टम के लागू होने से सांसदों के भत्तों में सीधे तौर पर कटौती का कोई नियम फिलहाल घोषित नहीं किया गया है। हालांकि, इसका अप्रत्यक्ष असर

सांसदों के दैनिक भत्ते पर पड़ सकता है।
लोकसभा सांसदों को सदन की कार्यवाही के प्रत्येक दिन के लिए ₹2,000 का दैनिक भत्ता दिया जाता है, जो उनकी उपस्थिति से जुड़ा होता है। अब यदि कोई सांसद अपनी सीट पर उपस्थित नहीं पाया गया, तो उसे उस दिन का भत्ता नहीं मिल सकता है।

गैरहाजिरी अब पड़ेगी भारी
पहले कई सांसद लॉबी से हाजिरी लगाकर सदन से बाहर चले जाते थे, लेकिन नए सिस्टम में यह संभव नहीं होगा। इससे:
सांसदों की वास्तविक उपस्थिति का रिकॉर्ड तैयार होगा
लगातार गैरहाजिर रहने वाले सांसदों पर राजनीतिक और सार्वजनिक दबाव बढ़ेगा
भविष्य में टिकट वितरण और चुनावी छवि पर असर पड़ सकता है

भविष्य में और सख्ती की संभावना
संसदीय सूत्रों के अनुसार, यदि यह व्यवस्था सफल रहती है, तो आगे चलकर न्यूनतम उपस्थिति का नियम भी लाया जा सकता है। ऐसी स्थिति में कम उपस्थिति वाले सांसदों के लिए भत्तों या अन्य सुविधाओं में कटौती का रास्ता खुल सकता है।

नया अटेंडेंस सिस्टम सांसदों की जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
हालांकि तत्काल भत्ते नहीं कटेंगे, लेकिन अब गैरहाजिरी महंगी साबित हो सकती है। यह फैसला संसद की गरिमा बनाए रखने और जनता के प्रति प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी तय करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।




