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वेनेजुएला मामले में ट्रंप को बड़ा झटका

अमेरिकी सीनेट ने वेनेजुएला ऑपरेशन के विरोध में प्रस्ताव किया पारित, 52 वोट पड़ेवेनेजुएला मामले में ट्रंप को बड़ा झटका

वॉशिंगटन | अंतरराष्ट्रीय राजनीति विश्लेषण
वेनेजुएला को लेकर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीति को अमेरिकी सीनेट में बड़ा झटका लगा है। सीनेट ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित करते हुए वेनेजुएला में किसी भी प्रकार के सैन्य, गुप्त या प्रत्यक्ष अमेरिकी हस्तक्षेप का स्पष्ट रूप से विरोध किया है। इस प्रस्ताव के पक्ष में 52 सीनेटरों ने मतदान किया, जो यह दर्शाता है कि ट्रंप की विदेश नीति को लेकर अमेरिकी संसद में गहरी असहमति है।
प्रस्ताव का उद्देश्य क्या है
सीनेट में पारित प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य वेनेजुएला में अमेरिकी भूमिका को सीमित करना और भविष्य में किसी भी सैन्य या अघोषित ऑपरेशन पर रोक लगाना है। प्रस्ताव में कहा गया है कि बिना कांग्रेस की मंजूरी किसी भी प्रकार की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों और अमेरिकी संविधान की भावना के खिलाफ होगी।


वेनेजुएला संकट की पृष्ठभूमि
वेनेजुएला लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक संकट और सत्ता संघर्ष से जूझ रहा है। ट्रंप प्रशासन के दौरान वहां की सरकार पर दबाव बनाने के लिए
कड़े आर्थिक प्रतिबंध
विपक्षी नेतृत्व को समर्थन
सैन्य विकल्प खुले रखने
जैसे कदम उठाए गए थे। इन्हीं नीतियों को लेकर अमेरिकी सीनेट में लगातार सवाल उठते रहे हैं।
सीनेट में क्यों बढ़ा विरोध
सीनेटरों का मानना है कि ट्रंप की आक्रामक नीति से
वेनेजुएला की आम जनता को नुकसान पहुंचा
लैटिन अमेरिकी देशों में अमेरिका की छवि खराब हुई
क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ी
इसी कारण बहुमत ने कूटनीतिक समाधान और शांतिपूर्ण हस्तक्षेप की नीति का समर्थन किया।
ट्रंप की विदेश नीति पर सीधा राजनीतिक असर
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रस्ताव ट्रंप की विदेश नीति के लिए एक प्रतीकात्मक लेकिन बेहद अहम हार है। इससे यह संकेत मिलता है कि न सिर्फ डेमोक्रेटिक पार्टी बल्कि रिपब्लिकन खेमे के भीतर भी ट्रंप की रणनीति को लेकर असहमति है।
आगामी राष्ट्रपति चुनावों के संदर्भ में यह फैसला ट्रंप के लिए राजनीतिक नुकसानदेह माना जा रहा है, क्योंकि यह उनके नेतृत्व और निर्णय क्षमता पर सवाल खड़े करता है।
अमेरिकी लोकतंत्र में कांग्रेस की भूमिका
यह प्रस्ताव इस बात को भी रेखांकित करता है कि अमेरिकी लोकतंत्र में कांग्रेस की भूमिका कितनी मजबूत है। सीनेट ने स्पष्ट कर दिया है कि विदेश नीति जैसे संवेदनशील मामलों में राष्ट्रपति या पूर्व राष्ट्रपति की मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी।


अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या संदेश गया
सीनेट के इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह संदेश मिला है कि अमेरिका अब
एकतरफा हस्तक्षेप
सैन्य दबाव
की बजाय
बहुपक्षीय सहयोग
कूटनीति
अंतरराष्ट्रीय कानून
के रास्ते पर चलना चाहता है।
वेनेजुएला मामले में अमेरिकी सीनेट का यह फैसला डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका है। यह न सिर्फ उनकी विदेश नीति की विफलता को उजागर करता है, बल्कि अमेरिका की भविष्य की विदेश नीति की दिशा भी तय करता नजर आता है। आने वाले समय में इसका असर अमेरिका–लैटिन अमेरिका संबंधों और अमेरिकी आंतरिक राजनीति दोनों पर देखने को मिल सकता है।

Chief Editor Ajay Kumar Gupta Babuji

सच के साथ वन्देमातरम

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