UPSC के नियमों में बड़ा बदलाव, पहले से चयनित IAS/IFS उम्मीदवार दोबारा नहीं दे सकेंगे परीक्षा
नई गाइडलाइंस में आयोग ने स्पष्ट किया—एक बार IAS या IFS के लिए चयनित/नियुक्त उम्मीदवारों को UPSC CSE में दूसरा मौका नहीं मिलेगा

नईदिल्ली।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है।
आयोग की ओर से जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, जो उम्मीदवार पहले से ही IAS या IFS अधिकारी के रूप में चयनित या नियुक्त हो चुके हैं, वे अब दोबारा UPSC सिविल सेवा परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे।

नई एलिजिबिलिटी गाइडलाइन्स में यह स्पष्ट किया गया है कि पहले से चयनित उम्मीदवारों द्वारा बार-बार परीक्षा देने की प्रवृत्ति को रोकने और नए अभ्यर्थियों को अधिक अवसर देने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।

आयोग का मानना है कि इससे चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और संतुलित बनेगी।

UPSC के इस फैसले से लाखों अभ्यर्थियों पर सीधा असर पड़ सकता है, खासकर उन उम्मीदवारों पर जो एक सेवा में चयन के बाद बेहतर रैंक या दूसरी सेवा के लिए पुनः परीक्षा देने की योजना बनाते थे।
विशेषज्ञों के अनुसार।

यह बदलाव प्रतिस्पर्धा को नए उम्मीदवारों के लिए थोड़ा आसान बना सकता है, वहीं पहले से चयनित अधिकारियों के विकल्प सीमित हो जाएंगे।

आयोग ने यह भी संकेत दिया है कि नियमों का यह प्रावधान आगामी परीक्षाओं से प्रभावी माना जाएगा। विस्तृत दिशा-निर्देश और शर्तें UPSC की आधिकारिक अधिसूचना में दी गई हैं।




