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सीहोर में राष्ट्रीय दलहन सम्मेलन: आत्मनिर्भर भारत की खेती पर केंद्र–राज्य–वैज्ञानिकों का मंथन

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित केंद्रीय व राज्यों के कृषि मंत्री, ICAR–ICARDA के विशेषज्ञ शिव अग्रवाल और देशभर के प्रतिनिधि हुए शामिल

सीहोर मध्यप्रदेश।

देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल।।

                         

सीहोर में राष्ट्रीय दलहन सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्री, कृषि वैज्ञानिक, नीति विशेषज्ञ और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल हुए।

सम्मेलन का उद्देश्य दलहन उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि, पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने की साझा रणनीति तैयार करना रहा।

🌱 दलहन आत्मनिर्भरता सरकार की प्राथमिकता: शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दलहन केवल फसल नहीं बल्कि देश की पोषण सुरक्षा और किसान समृद्धि की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक, MSP और बाजार से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रही है, ताकि किसानों को वास्तविक लाभ मिल सके।

 

🌾 मध्यप्रदेश बनेगा दलहन हब: मुख्यमंत्री मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पहले ही दलहन उत्पादन में अग्रणी राज्य है और आने वाले वर्षों में इसे राष्ट्रीय दलहन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने राज्य में फसल विविधीकरण, वैज्ञानिक खेती और जलवायु अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

🔬 ICAR–ICARDA का वैज्ञानिक दृष्टिकोण
सम्मेलन की प्रमुख विशेषता ICAR और ICARDA जैसे प्रतिष्ठित अनुसंधान संस्थानों की भागीदारी रही।
ICAR–ICARDA से शिव अग्रवाल सहित विशेषज्ञों ने कम पानी में अधिक उत्पादन, सूखा-सहिष्णु किस्मों, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और टिकाऊ कृषि मॉडल पर प्रस्तुति दी।

विशेषज्ञों ने बताया कि दलहन फसलें मिट्टी में नाइट्रोजन स्थिरीकरण कर भूमि की गुणवत्ता सुधारती हैं, जिससे लागत कम और उत्पादन स्थायी बनता है।

📊 नीति, बाजार और निर्यात पर फोकस
सम्मेलन में दलहन उत्पादन से जुड़ी नीतियों, मूल्य समर्थन, भंडारण, प्रसंस्करण और निर्यात संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि यदि उत्पादन के साथ मूल्य संवर्धन किया जाए तो किसान की आय में बड़ा सुधार संभव है।

 

🚜 भविष्य की दिशा
राष्ट्रीय दलहन सम्मेलन ने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकारें, वैज्ञानिक संस्थान और किसान मिलकर दलहन क्षेत्र को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सम्मेलन के अंत में अनुसंधान, तकनीक और नीति समन्वय को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।

📸 फोटो कैप्शन (Web Friendly)
फोटो 1: सीहोर में राष्ट्रीय दलहन सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव।
फोटो 2: सम्मेलन को संबोधित करते केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान।
फोटो 3: ICAR–ICARDA के शिव अग्रवाल दलहन उत्पादन पर प्रस्तुति देते हुए।
फोटो 4: राष्ट्रीय दलहन सम्मेलन में देशभर से आए कृषि वैज्ञानिक और प्रतिनिधि।
फोटो 5: सम्मेलन स्थल पर दलहन की उन्नत किस्मों की प्रदर्शनी का अवलोकन करते अतिथि

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