महायुद्ध के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला, अब पेट्रोल पंपों पर भी मिलेगा केरोसिन तेल
ऊर्जा संकट को देखते हुए नियमों में ढील, MP समेत 21 राज्यों में लागू होगा नया आदेश

महायुद्ध के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला, अब पेट्रोल पंपों पर भी मिलेगा केरोसिन तेल
Highlights: ऊर्जा संकट को देखते हुए नियमों में ढील, MP समेत 21 राज्यों में लागू होगा नया आदेश
नई दिल्ली/भोपाल:
दुनिया के कुछ हिस्सों में जारी युद्ध (मिडिल ईस्ट संकट) और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में आ रही बाधाओं के बीच भारत सरकार ने एक बेहद अहम फैसला लिया है। घरेलू रसोई ईंधन (LPG) की संभावित किल्लत और बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने अब देश के चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर केरोसिन (मिट्टी का तेल) बेचने की मंजूरी दे दी है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह फैसला अस्थायी रूप से 60 दिनों के लिए लागू किया गया है।
खबर के मुख्य बिंदु:
- क्यों लिया गया फैसला: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस और तेल की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। भारत ने एहतियात के तौर पर घरेलू उपयोग (खाना पकाने और रोशनी) के लिए केरोसिन की उपलब्धता बढ़ाने का निर्णय लिया है।
- मध्य प्रदेश पर असर: मध्य प्रदेश सहित देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह व्यवस्था लागू होगी। एमपी के जिलों में भी जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित पेट्रोल पंपों पर अब आम जनता को केरोसिन मिल सकेगा।
- नियम और शर्तें:
- हर जिले में अधिकतम 2 पेट्रोल पंपों को केरोसिन बेचने के लिए अधिकृत किया जा सकेगा।
- एक पेट्रोल पंप संचालक अधिकतम 5,000 लीटर केरोसिन का स्टॉक रख सकेगा।
- यह केरोसिन केवल घरेलू उपयोग (खाना पकाने और लाइट) के लिए होगा, इसका औद्योगिक उपयोग प्रतिबंधित है।
- मिलावट पर सख्ती: सरकार ने साफ किया है कि पेट्रोल पंपों पर केरोसिन की बिक्री के दौरान सुरक्षा मानकों और शुद्धता का पूरा ध्यान रखा जाएगा ताकि पेट्रोल-डीजल में इसकी मिलावट न हो सके।
MP में पैनिक बाइंग रोकने की कोशिश
हाल ही में मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन और अन्य जिलों में ईंधन की कमी की अफवाहों के चलते पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी गई थी। सरकार के इस कदम को ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और जनता के बीच विश्वास बहाली के रूप में देखा जा रहा है।
नोट: यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अगले 2 महीने तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद सरकार स्थिति की समीक्षा कर आगे का निर्णय लेगी।




