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​#KahaniKursiKi: ट्रंप का ‘ब्रोकर’ बना पाकिस्तान! ईरान-इजरायल युद्ध के बीच इस्लामाबाद की नई बिसात

​बेगानी जंग के 'अब्दुल्ला'... क्या पाकिस्तान बचा पाएगा ट्रंप की साख और ईरान का तेल?

#KahaniKursiKi: ट्रंप का ‘ब्रोकर’ बना पाकिस्तान! ईरान-इजरायल युद्ध के बीच इस्लामाबाद की नई बिसात

बेगानी जंग के ‘अब्दुल्ला’… क्या पाकिस्तान बचा पाएगा ट्रंप की साख और ईरान का तेल?

नई दिल्ली/इस्लामाबाद: मध्य पूर्व (Middle East) में बारूद की गंध के बीच एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। जहाँ एक तरफ इजरायल और अमेरिका मिलकर ईरान पर भीषण हमले कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान इस महायुद्ध में ‘मिडिएटर’ यानी बिचौलिए की भूमिका में उतर आया है।

​ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और ईरान के बीच ठप पड़ी बातचीत को फिर से शुरू करने के लिए पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मोर्चा संभाल लिया है।

प्रमुख बिंदु: गेम समझ रहा है ईरान!

  • ट्रंप का ‘प्लान’ और पाकिस्तान की मजबूरी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान के पावर ग्रिड को उड़ाने की धमकी दी थी, लेकिन अब सुर बदलते दिख रहे हैं। पाकिस्तान ने अमेरिका को ‘इस्लामाबाद’ में शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया है।
  • ईरान की दोधारी चाल: ईरान एक तरफ अपनी ‘डांसिंग मिसाइलों’ से इजरायल के तेल अवीव में तबाही मचा रहा है, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान के जरिए शांति का रास्ता भी टटोल रहा है। हालांकि, हाल ही में ईरान ने कराची जा रहे एक पाकिस्तानी तेल टैंकर को वापस भेजकर यह साफ कर दिया कि वह इतनी आसानी से झुकने वाला नहीं है।
  • भारत पर असर (MP के संदर्भ में): इस युद्ध के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में 27% से ज्यादा का उछाल आया है। अगर पाकिस्तान इस मध्यस्थता में सफल होता है, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें स्थिर हो सकती हैं, जिसका सीधा फायदा भारत के आम आदमी और मध्य प्रदेश के परिवहन व कृषि क्षेत्र को मिलेगा।

क्यों बना पाकिस्तान ‘अब्दुल्ला’?

​कहावत है— “बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना”, लेकिन यहाँ पाकिस्तान की दीवानगी के पीछे गहरी कूटनीति है।

  1. आर्थिक बदहाली: पाकिस्तान की डूबती अर्थव्यवस्था को ट्रंप की मदद चाहिए।
  2. ईरान से नजदीकी: खाड़ी देशों के युद्ध में उलझने के बाद, पाकिस्तान ही एकमात्र ऐसा देश बचा है जिसके संबंध अमेरिका और ईरान दोनों से फिलहाल ‘कामचलाऊ’ बने हुए हैं।
  3. चीन का एंगल: पर्दे के पीछे से चीन भी पाकिस्तान को इस कूटनीतिक खेल में आगे बढ़ा रहा है ताकि क्षेत्र में अमेरिकी दबदबा कम हो सके।

युद्ध के ताज़ा हालात: एक नज़र में

घटना

वर्तमान स्थिति

इजरायली हमला

तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर भारी बमबारी।

ईरान का पलटवार

बहरीन और यूएई में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन अटैक।

ट्रंप की डेडलाइन

युद्ध खत्म करने के लिए 24 घंटे का समय दिया था, जो अब बीत चुका है।

पाकिस्तान का रोल

आर्मी चीफ असीम मुनीर की ट्रंप से फोन पर बातचीत, वार्ता की पेशकश।

विशेष टिप्पणी: मध्य प्रदेश के लिए यह खबर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि गेंहू के निर्यात और खाद की कीमतों पर इस वैश्विक तनाव का सीधा असर पड़ रहा है। क्या ट्रंप का ‘ब्रोकर’ बनकर पाकिस्तान अपनी किस्मत बदल पाएगा या ईरान का ‘गेम’ उसे भी लपेटे में ले लेगा? यह आने वाले कुछ दिन तय करेंगे।

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