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पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ के बागी सुर: अपनी ही सरकार के कार्यकाल पर उठाए सवाल!
पुरानी यादों ने बढ़ाई सियासत की गर्माहट: दिग्विजय शासनकाल को लेकर साधौ का बड़ा बयान

भोपाल/मध्यप्रदेश | मध्यप्रदेश की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब कांग्रेस की कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ ने अपनी ही पार्टी की पूर्ववर्ती दिग्विजय सिंह सरकार की कार्यप्रणाली पर उंगली उठा दी। साधौ के इस बयान ने न केवल कांग्रेस के भीतर के अंतर्विरोधों को सतह पर ला दिया है, बल्कि विपक्षी दल भाजपा को भी बैठे-बिठाए एक बड़ा मुद्दा थमा दिया है।
प्रमुख बिंदु: क्या कहा विजयलक्ष्मी साधौ ने?
- विकास कार्यों की अनदेखी: साधौ ने संकेत दिए कि पूर्ववर्ती कार्यकाल के दौरान कुछ क्षेत्रों और निर्णयों में अपेक्षित गति नहीं मिल पाई थी।
- अपनों पर प्रहार: पार्टी के भीतर अनुशासन और फैसलों को लेकर उन्होंने अपनी बेबाक राय रखी, जो अब चर्चा का विषय बनी हुई है।
- सियासी गलियारों में हलचल: इस बयान के बाद कांग्रेस डैमेज कंट्रोल में जुट गई है, वहीं राजनीतिक विश्लेषक इसे पार्टी के भीतर गुटबाजी के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
बीजेपी ने साधा निशाना
विजयलक्ष्मी साधौ के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने चुटकी लेते हुए कहा कि “कांग्रेस की सच्चाई अब उनके अपने ही नेता स्वीकार कर रहे हैं। यह स्वीकारोक्ति बताती है कि दिग्विजय सिंह का शासनकाल मध्यप्रदेश के लिए कैसा रहा था।”
“सच्चाई कभी न कभी सामने आती ही है, चाहे वो अपनों के जरिए ही क्यों न आए।”
टुडे इंडिया न्यूज़ एमपी के लिए ब्यूरो रिपोर्ट




