मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक: पश्चिम एशिया संकट के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बड़ा फैसला, आम जनता को मिली भारी राहत
पेट्रोल पर ₹10 की कटौती, डीजल पर एक्साइज ड्यूटी हुई 'शून्य'; ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ATF निर्यात पर भी लगा शुल्क

नई दिल्ली/भोपाल:
पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने देश की जनता को महंगाई से बचाने के लिए एक ऐतिहासिक और संवेदनशील निर्णय लिया है। सरकार ने घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता और कीमतों में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में भारी कटौती का ऐलान किया है।

प्रमुख घोषणाएं एक नजर में:
- पेट्रोल: केंद्रीय उत्पाद शुल्क ₹13 से घटाकर मात्र ₹3 प्रति लीटर किया गया।
- डीजल: उत्पाद शुल्क ₹10 से घटाकर शून्य (Zero) कर दिया गया।
- ATF निर्यात: विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) के निर्यात पर ड्यूटी लगाकर घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है।
जनता के प्रति संवेदनशीलता का प्रमाण
प्रधानमंत्री जी का यह कदम दर्शाता है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद उनकी सरकार ‘राष्ट्र प्रथम’ और ‘जन-कल्याण’ के संकल्प पर अडिग है। जहाँ एक ओर दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहरा रहा है, वहीं भारत सरकार ने अपने राजस्व की चिंता किए बिना नागरिकों को महंगाई के प्रभाव से सुरक्षित रखने का मार्ग चुना है।
विशेषज्ञों की राय
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल पर शुल्क शून्य करने से माल ढुलाई की लागत में कमी आएगी, जिसका सीधा सकारात्मक असर आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा। साथ ही, निर्यात पर अंकुश लगाने से देश के भीतर ईंधन की कोई कमी नहीं होगी।
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