ऐतिहासिक फैसला: ‘वंदे मातरम’ को मिला राष्ट्रगान के बराबर दर्जा, मोदी कैबिनेट ने प्रस्ताव पर लगाई मुहर
अब 'वंदे मातरम' का अपमान करने पर होगी जेल; प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट में होगा बदलाव

नई दिल्ली/भोपाल:
देश की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय अस्मिता को लेकर केंद्र की मोदी सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के बाद अब ‘वंदे मातरम’ को भी वही कानूनी संरक्षण और सम्मान प्राप्त होगा जो अब तक केवल राष्ट्रगान को मिलता रहा है।
कानून में होगा बड़ा बदलाव
सूत्रों के अनुसार, सरकार ‘प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971’ (राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम) में संशोधन करने जा रही है। इस संशोधन के बाद ‘वंदे मातरम’ का अपमान करना या इसके गायन में जानबूझकर बाधा डालना एक संज्ञेय अपराध माना जाएगा।
कड़ी सजा का प्रावधान
नए प्रावधानों के तहत, यदि कोई व्यक्ति ‘वंदे मातरम’ का अनादर करता है, तो उसे राष्ट्रगान के अपमान की तर्ज पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। बार-बार अपराध दोहराने पर कम से कम एक साल की जेल का भी प्रावधान प्रस्तावित है।
150वीं वर्षगांठ पर विशेष तोहफा
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब देश ‘वंदे मातरम’ की रचना की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान क्रांतिकारियों का मुख्य उद्घोष था। संसद के पिछले सत्र में भी कई सदस्यों ने इसे राष्ट्रगान के समान दर्जा देने की मांग उठाई थी, जिसे अब कैबिनेट ने अमली जामा पहना दिया है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के बाद हुई इस पहली कैबिनेट बैठक में लिए गए इस फैसले को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का तर्क है कि यह कदम राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान और देश की एकता को और मजबूत करेगा। जल्द ही इस संशोधन विधेयक को संसद के पटल पर रखा जाएगा।
ब्यूरो रिपोर्ट: टुडे इंडिया न्यूज़ एमपी




