सोनम वांगचुक ने 26 दिनों बाद तोड़ा अनशन: जेपी नड्डा ने पिलाया जूस, जानें प्रसिद्ध समाजसेवी के इस फैसले के पीछे की 3 बड़ी वजहें
केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में खत्म हुई भूख हड़ताल; वांगचुक बोले— "देश में हिंसा रोकने और सरकार के साथ सकारात्मक बातचीत के बाद लिया निर्णय।

टुडे इंडिया न्यूज़ (एमपी)
नई दिल्ली/गुरुग्राम (टुडे इंडिया न्यूज़ एमपी ब्यूरो):
प्रसिद्ध शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से जारी अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया है। मेदांता अस्पताल (गुरुग्राम) में मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्होंने जूस पीकर अपनी भूख हड़ताल खत्म की। इस दौरान उनकी पत्नी गीतांजलि एंग्मो और लेह-लद्दाख एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
सोनम वांगचुक ने खुद बताई अनशन खत्म करने की 3 मुख्य वजहें
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट साझा कर अपने समर्थकों और देशवासियों को अनशन वापस लेने के कारणों के बारे में विस्तार से बताया:
- देश में हिंसा और अशांति से बचाव: वांगचुक ने कहा कि आंदोलन के बीच देश में किसी भी प्रकार की हिंसा या असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए उन्होंने अनशन समाप्त करने का फैसला किया। उन्होंने अपील की, “शांति ही मेरा मार्ग है, इसलिए किसी भी उकसावे के बावजूद हमें पूरी तरह अहिंसक रहना है।”
- केंद्र सरकार के साथ लंबी वार्ता: उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के साथ विभिन्न शर्तों पर सकारात्मक और लंबी बातचीत हुई है। वांगचुक ने कहा कि वह जल्द ही एक अलग वीडियो संदेश के माध्यम से इन शर्तों का ब्योरा जनता के सामने रखेंगे।
- 65 सांसदों की अपील: विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात कर या पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था, जिससे समाधान का एक सकारात्मक माहौल बना।
सोनम वांगचुक का संदेश:
“केंद्रीय मंत्रियों और एपेक्स बॉडी के नेताओं की मौजूदगी में मैंने 26 दिनों के बाद अनशन समाप्त किया है। यह निर्णय विभिन्न शर्तों पर लंबी चर्चा और देश में संभावित हिंसा को रोकने के दृष्टिकोण से लिया गया है। मैं आप सभी से सतर्क रहने और कहीं भी हिंसा न होने देने का आग्रह करता हूं।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताई खुशी, अच्छे स्वास्थ्य की कामना की
सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। पीएम मोदी ने कहा:
“मैं सोनम जी से आग्रह करता हूं कि वे डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें और जल्द से जल्द अपना पुराना स्वास्थ्य व वजन पुनः प्राप्त करें।मैं ईश्वर से उनके स्वस्थ जीवन की प्रार्थना करता हूं।”
क्या था पूरा मामला?
सोनम वांगचुक नीट (NEET) पेपर लीक मामले, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के अधिकारों की मांगों को लेकर पिछले 26 दिनों से अनशन पर थे। अनशन के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें पहले दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल और बाद में दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश पर मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
हालांकि वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया है कि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के न्याय के लिए लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।




