राम मंदिर दान विवाद: मायावती का विपक्ष पर बड़ा हमला; कहा– ‘सबूत दिखाएं, वरना इसे कोरी राजनीति माना जाएगा’
बसपा सुप्रीमो ने की मुख्य प्रबंधकों की जांच की मांग; सपा, कांग्रेस और 'आप' को दी सबूत पेश करने की चुनौती

टुडे इंडिया न्यूज़ एमपी (Today India News MP)
लखनऊ/अयोध्या:
राम मंदिर दान चोरी मामले को लेकर देश की राजनीति में गरमाहट आ गई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मुखिया और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इस मुद्दे पर विपक्षी दलों को कड़े निशाने पर लिया है। मायावती ने इस मामले के मुख्य प्रबंधकों की गहन जांच की मांग उठाई है, साथ ही आरोप लगाने वाले दलों की नीयत पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
मायावती के मुख्य प्रहार और बड़ी मांगें:
- विपक्ष से सबूतों की मांग: बसपा प्रमुख ने समाजवादी पार्टी (सपा), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) को सीधी चुनौती देते हुए कहा है कि वे इस मामले में अपने दावों से जुड़े ठोस सबूत पेश करें।
- गबनकर्ताओं पर कार्रवाई: उन्होंने साफ किया कि सबूत सामने आने जरूरी हैं ताकि कोई भी असली चोर या गबनकर्ता कानून की गिरफ्त से बच न सके।
- श्रद्धा या कोरी राजनीति?: मायावती ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर विपक्षी दल सबूत दिखाने में नाकाम रहते हैं, तो राम मंदिर के नाम पर किए जा रहे इस हंगामे को आस्था नहीं, बल्कि सिर्फ ‘कोरी राजनीति’ माना जाएगा।
जनहित के मुद्दों से भटकाने का आरोप
मायावती ने आम जनता के बीच चल रही चर्चाओं का हवाला देते हुए विपक्षी खेमे को घेरा। उन्होंने कहा:
”ऐसी आम चर्चा है कि जनता से जुड़े असली और बुनियादी मुद्दों को पूरी तरह दरकिनार करके, ये पार्टियां अब इस संवेदनशील मुद्दे की आड़ में आगामी चुनाव की वैतरणी पार करना चाहती हैं।”
निष्कर्ष:
बसपा सुप्रीमो के इस आक्रामक रुख ने साफ कर दिया है कि वह राम मंदिर दान मामले में बिना सबूत की राजनीति के पक्ष में नहीं हैं। अब देखना यह होगा कि सपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी मायावती के इस ‘सबूत मांगो’ चैलेंज पर क्या प्रतिक्रिया देती है।




