मध्यप्रदेश भाजपा ने किया तीसरे राज्यसभा प्रत्याशी का ऐलान:निवाड़ी जिले के लाल ओरछा निवासी महेश केवट बने उम्मीदवार
मध्यप्रदेश भाजपा ने किया तीसरे राज्यसभा प्रत्याशी का ऐलान: ओरछा के महेश केवट बने उम्मीदवार

भोपाल/निवाड़ी: मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने तीसरे प्रत्याशी के रूप में मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट के नाम की घोषणा कर दी है। निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र के ऐतिहासिक नगर ओरछा से ताल्लुक रखने वाले महेश केवट को प्रत्याशी बनाए जाने पर पूरे अंचल में हर्ष का माहौल है।
यह निर्णय न केवल श्री केवट के व्यक्तिगत व्यक्तित्व और उनके निष्ठावान कार्यों का सम्मान है, बल्कि यह उस सामान्य कार्यकर्ता की जीत है जो वर्षों से संगठन को अपना परिवार मानकर सेवा में समर्पित है।
कार्यकर्ताओं में उत्साह: ‘मेहनत और निष्ठा का सम्मान’
महेश केवट को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने पर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने फिर एक बार यह सिद्ध कर दिया है कि एक साधारण कार्यकर्ता भी अपने समर्पण और संघर्ष के बल पर शीर्ष पद तक पहुंच सकता है।
उनकी इस उपलब्धि पर कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह उन लाखों निष्ठावान कार्यकर्ताओं का सम्मान है जो बिना किसी पद की लालसा के निरंतर जनसेवा में जुटे रहते हैं। निवाड़ी और संपूर्ण बुंदेलखंड क्षेत्र में कार्यकर्ताओं ने इसे अपने क्षेत्र का गौरव बताया है।
दिग्गजों ने दी बधाई
महेश केवट के नाम की घोषणा के बाद प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई प्रेषित की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, शैलेन्द्र बरुआ, गौरव रनादिवे और विधायक अनिल जैन सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने अपनी शुभकामनाएं दीं।
नेताओं ने कहा कि श्री केवट का अनुभव और उनकी कार्यशैली निश्चित रूप से राज्यसभा में मध्यप्रदेश की आवाज को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी। पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि श्री केवट की कार्यकुशलता से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी।
कार्यकर्ता से उम्मीदवार तक की प्रेरणादायक यात्रा
निवाड़ी के ओरछा से उठकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में कदम रखने वाले महेश केवट की यह यात्रा भाजपा के उस मूलमंत्र को चरितार्थ करती है, जहाँ ‘व्यक्ति’ से ऊपर ‘संगठन’ और ‘सेवा’ को रखा जाता है। उनकी यह उपलब्धि आने वाले समय में नए कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा साबित होगी।



