वैश्विक कूटनीति का ‘भारत भाग्य विधाता’: यूरेशियन टाइम्स ने की भारतीय विदेश नीति की मुक्त कंठ से प्रशंसा
ईरान-अमेरिका सीजफायर में भारत की 'साइलेंट डिप्लोमेसी' का असर, दुनिया ने माना पीएम मोदी की 'बैलेंसिंग एक्ट' का लोहा।

नई दिल्ली/भोपाल: अंतरराष्ट्रीय मामलों की प्रतिष्ठित पत्रिका ‘यूरेशियन टाइम्स’ ने भारत की वर्तमान विदेश नीति की जमकर सराहना करते हुए इसे आधुनिक विश्व की सबसे सफल कूटनीति करार दिया है। पत्रिका ने विशेष रूप से ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए युद्धविराम (#IranAmericaCeasefire) के संदर्भ में भारत की भूमिका को रेखांकित किया है।
शांति का सेतु बना भारत यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जहां दुनिया के कई शक्तिशाली देश गुटों में बंटे नजर आए, वहीं भारत ने ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ (Strategic Autonomy) का पालन करते हुए दोनों पक्षों के साथ अपने संवाद के रास्ते खुले रखे। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने न केवल अपने ऊर्जा हितों की रक्षा की, बल्कि पर्दे के पीछे से तनाव कम करने के लिए एक ‘विश्वस्त मध्यस्थ’ के रूप में कार्य किया।
मुख्य बिंदु:
- बैलेंसिंग पावर: भारत ने अमेरिका के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी और ईरान के साथ अपने ऐतिहासिक व चाबहार जैसे रणनीतिक संबंधों के बीच जो संतुलन बनाया, वह वैश्विक कूटनीति के लिए एक केस स्टडी है।
- ऊर्जा सुरक्षा: खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम होने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार मार्गों (Strait of Hormuz) की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।
- ग्लोबल साउथ की आवाज: यूरेशियन टाइम्स ने माना कि भारत अब केवल एक क्षेत्रीय शक्ति नहीं, बल्कि ‘ग्लोबल साउथ’ की वह आवाज बन चुका है जिसकी बात वाशिंगटन से लेकर तेहरान तक सुनी जाती है।
विशेषज्ञों की राय विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय की ‘राष्ट्र प्रथम’ की नीति ने भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उस स्थान पर खड़ा कर दिया है, जहाँ विवादों के समाधान के लिए अब दुनिया भारत की ओर देखती है। ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर न केवल मध्य पूर्व के लिए राहत की खबर है, बल्कि यह भारत की कूटनीतिक जीत का भी प्रमाण है।
ब्यूरो रिपोर्ट: टुडे इंडिया न्यूज MP




