होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी हमले में 3 भारतीयों की मौत, UN ने जताई गहरी चिंता
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने दी चेतावनी: समुद्री सुरक्षा से खिलवाड़ और बढ़ते तनाव से विश्व अर्थव्यवस्था को खतरा

नई दिल्ली/न्यूयॉर्क:
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बीते दिनों हुए एक भीषण सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की दुखद मौत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है। ओमान के तट के पास पनामा ध्वज वाले तेल टैंकर ‘एमटी सेटेबेलो’ (MT Settebello) पर अमेरिकी नौसेना द्वारा की गई ‘प्रेसिजन स्ट्राइक’ में इन भारतीय नागरिकों की जान गई।
क्या है पूरा मामला?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, टैंकर पर ईरानी बंदरगाहों के विरुद्ध लगाए गए अमेरिकी सैन्य अवरोध (ब्लॉकडे) का उल्लंघन करने का आरोप था। अमेरिकी सेना का दावा है कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद जहाज नहीं रुका, जिसके बाद एफए-18 फाइटर जेट से मिसाइल हमले किए गए। इस हमले में जहाज बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिसमें 21 भारतीय नाविकों को ओमान की मदद से सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश तीन नाविकों—आदित्य शर्मा (डेक कैडेट), शिवानंद चौरसिया (इंजन फिटर) और पटनाला सुरेश (चीफ इंजीनियर)—की मृत्यु हो गई।
भारत का कड़ा रुख
भारत सरकार ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत को तलब कर घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वाणिज्यिक जहाजों और निर्दोष नाविकों को निशाना बनाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
UN ने क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस घटना और होर्मुज में लगातार बढ़ रहे हमलों पर गहरी चिंता जताई है। यूएन की ओर से जारी बयान में स्पष्ट कहा गया है:
- कानून की दुहाई: यूएन महासचिव ने अंतरराष्ट्रीय कायदे-कानूनों का हवाला देते हुए सभी पक्षों से नेविगेशन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) का सम्मान करने की अपील की है।
- समुद्री सुरक्षा: अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के महासचिव आर्सेनियो डोमिन्ग्वेज़ ने इन हमलों को “पूरी तरह अस्वीकार्य” करार दिया है।
- युद्ध का खतरा: यूएन ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलमार्ग को “मोलतोल का जरिया” (Bargaining Chip) बनाया गया, तो इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला पर गहरा संकट आ सकता है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया संकट
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहाँ से वैश्विक कच्चे तेल का लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। जानकारों का कहना है कि इस क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और नागरिक जहाजों पर हमलों से ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आने और वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका है।




