“राजस्व विभाग प्रशासन की रीढ़, लापरवाही बर्दाश्त नहीं” – कलेक्टर जमुना भिड़े
राजस्व न्यायालय प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण, ई-केवाईसी और नक्शा तरमीम में तेजी लाने के निर्देश

निवाड़ी।
कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में निवाड़ी तहसील के राजस्व अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती भिड़े ने राजस्व वसूली, फॉर्मल रजिस्ट्री, स्वामित्व योजना, पीएम किसान ई-केवाईसी, पीएम किसान एनपीसीआई, नक्शा तरमीम, साइबर रजिस्ट्री एवं लंबित राजस्व प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण हेतु प्रगति लाने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली में दर्ज सभी प्रकरणों का समय-सीमा के भीतर निराकरण अनिवार्य रूप से किया जाए।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि शिकायतों का संतोषजनक और समयबद्ध निराकरण प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। अधिक समय से लंबित शिकायतों पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी भी व्यक्त की।

कलेक्टर श्रीमती भिड़े ने पटवारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ई-केवाईसी एवं भू-अभिलेखों के शुद्धिकरण (नक्शा तरमीम) के कार्य में तेजी लाएं, ताकि किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी पटवारी निर्धारित दिवसों में अपने मुख्यालय एवं पंचायत भवन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, जिससे ग्रामीणों को जिला मुख्यालय के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि बिना ठोस कारण के कार्य लंबित रखने वाले पटवारियों एवं राजस्व निरीक्षकों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने कहा—
“राजस्व विभाग प्रशासन की रीढ़ है। आम आदमी का सीधा सरोकार पटवारी और तहसीलदार से होता है। यदि निचले स्तर पर कार्य पारदर्शिता और तेजी से होंगे, तो शासन की छवि स्वतः बेहतर होगी।”

इसके अतिरिक्त कलेक्टर ने संकल्प से समाधान अभियान के अंतर्गत हितग्राही मूलक योजनाओं में अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त करने एवं उनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम (सामूहिक दवा सेवन अभियान) में पूर्ण सहयोग सुनिश्चित करने को कहा।
इस अवसर पर एसडीएम सुश्री मनीषा जैन, तहसीलदार जगदीश रंधावा, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं समस्त पटवारी उपस्थित रहे।




