राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा एवं अधिकारों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
बाल विवाह के दुष्परिणामों की दी जानकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के उपयोग हेतु किया जागरूक

निवाड़ी। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बालिकाओं के सशक्तिकरण, सम्मान, सुरक्षा एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पीएम कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शहीद चंद्रशेखर आज़ाद शासकीय पीजी कॉलेज, निवाड़ी में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती ज्योति पांडे के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसमें छात्र-छात्राओं को बालिकाओं से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर जागरूक किया गया।

बालिका शिक्षा व अधिकारों पर दिया गया संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पायल लिलहरे द्वारा की गई। उन्होंने बालिकाओं को शिक्षा, सुरक्षा एवं उनके अधिकारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बालिका शिक्षा ही सशक्त समाज की नींव है।
राष्ट्रीय बालिका दिवस के उद्देश्य पर प्रकाश
वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर श्रीमती नीलम नायक ने बताया कि राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरुआत वर्ष 2008 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, लैंगिक समानता, बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण को बढ़ावा देना तथा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों को मजबूती देना है।
उन्होंने कहा कि “बेटियां बोझ नहीं, बल्कि समाज का भविष्य हैं” और छात्र-छात्राओं से सकारात्मक सोच के साथ लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
बाल विवाह के दुष्परिणामों की दी विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम में बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि कम उम्र में विवाह होने से बालक-बालिकाओं के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
बाल विवाह शिक्षा के मौलिक अधिकारों का हनन करता है और सर्वांगीण विकास में बाधक बनता है।
कानूनी जानकारी व हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
छात्र-छात्राओं को जानकारी दी गई कि
बालिकाओं की न्यूनतम वैवाहिक आयु 18 वर्ष
बालकों की न्यूनतम वैवाहिक आयु 21 वर्ष निर्धारित है।
यदि कहीं बाल विवाह की तैयारी या चर्चा हो, तो तुरंत वन स्टॉप सेंटर, आपातकालीन नंबर 112 या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 (निःशुल्क) पर सूचना देने का आग्रह किया गया।
वन स्टॉप सेंटर की केस वर्कर श्रीमती राखी नायक ने भी चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की कार्यप्रणाली की जानकारी दी।
बाल विवाह के विरुद्ध लिया गया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे न केवल अपने परिवार में बल्कि समाज में भी बाल विवाह नहीं होने देंगे और इसके विरुद्ध लोगों को जागरूक करेंगे।
इस अवसर पर बाल विवाह विरोधी नारे भी लगाए गए।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. उषा त्रिपाठी, बी.पी. गौर, एम.एस. विमल, क्रीड़ा अधिकारी अवस्थी जी सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।





