निचली अदालत के फैसले के बाद सीएम रेखा गुप्ता का तीखा बयान, अरविंद केजरीवाल सरकार के फैसलों पर उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा—घोटाले, गलत नीतियाँ और अनैतिक निर्णयों की होगी विस्तृत जांच; जवाबदेही तय करने के संकेत

नईदिल्ली। दिल्ली में आज निचली अदालत के ताज़ा फैसले के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। फैसले के कुछ ही घंटों के भीतर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्ववर्ती केजरीवाल शासन के कामकाज पर कड़ा रुख अपनाया और कई नीतिगत निर्णयों तथा कथित अनियमितताओं पर गंभीर सवाल उठाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार “पारदर्शिता और जवाबदेही” के सिद्धांत पर काम कर रही है और पूर्व सरकार के दौरान लिये गये फैसलों की व्यापक समीक्षा कराई जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व प्रशासन के समय कई नीतिगत निर्णय बिना पर्याप्त प्रक्रिया और वित्तीय अनुशासन के लिये गये, जिनकी जांच आवश्यक है।
रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि राज्य के संसाधनों के उपयोग, परियोजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक निर्णयों में संभावित अनियमितताओं को लेकर संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी गई है।
उन्होंने संकेत दिया कि यदि जांच में कोई गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, “जनता के हित सर्वोपरि हैं और शासन में किसी भी प्रकार की अनैतिकता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी और प्रक्रिया कानून के दायरे में ही पूरी की जाएगी।
उधर राजनीतिक हलकों में इस बयान के बाद प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। विपक्ष ने मुख्यमंत्री के आरोपों को राजनीतिक करार देते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।



