भारत में तेल और LPG संकट की अफवाह! सरकार बोली – ‘घबराने की जरूरत नहीं, घरेलू सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित’
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ऊर्जा सप्लाई पर असर की आशंका, सरकार ने बढ़ाया LPG उत्पादन और 40 देशों से तेल आयात की तैयारी

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत में तेल और LPG सिलेंडर की कमी को लेकर उठ रही चिंताओं पर केंद्र सरकार ने बड़ा बयान दिया है। सरकार ने साफ किया है कि देश में फिलहाल घरेलू रसोई गैस या पेट्रोल-डीजल का कोई बड़ा संकट नहीं है और आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार देश में LPG उत्पादन बढ़ा दिया गया है और तेल कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए। सरकार ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में सिलेंडर की बुकिंग न करें।
घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता
सरकार ने कहा कि मौजूदा हालात में घरेलू रसोई गैस को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी कारण कुछ स्थानों पर होटल-रेस्टोरेंट जैसे वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए LPG की सप्लाई सीमित की गई है, जबकि घरों तक गैस की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है।
25% तक बढ़ाया गया LPG उत्पादन
ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए रिफाइनरियों को अधिकतम क्षमता पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार के अनुसार रसोई गैस के उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है ताकि किसी भी तरह की कमी की स्थिति न बने।
25 दिन से पहले नहीं होगी सिलेंडर बुकिंग
जमाखोरी रोकने और समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए LPG सिलेंडर की बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। यह कदम संकट के समय गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए उठाया गया है।
सरकार ने दिया भरोसा
पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि भारत करीब 40 देशों से कच्चा तेल आयात करता है और वैकल्पिक स्रोतों से सप्लाई बढ़ाई जा रही है। साथ ही LNG के नए कार्गो भी भारत पहुंचने वाले हैं, जिससे ऊर्जा आपूर्ति स्थिर बनी रहेगी।
सरकार का संदेश:
देश में तेल और LPG को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।




