राष्ट्रपति मुर्मू के बंगाल दौरे पर प्रोटोकॉल विवाद, केंद्र सरकार ने ममता सरकार से मांगा जवाब
स्वागत को लेकर उठे सवाल, केंद्र ने रिपोर्ट तलब की; ममता बनर्जी ने आरोपों को बताया राजनीतिक

📍 कोलकाता/नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हालिया दौरे के दौरान कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। केंद्र सरकार ने इस मामले को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट और स्पष्टीकरण मांगा है।
दरअसल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं। इस दौरान यह आरोप लगा कि राज्य सरकार की ओर से राष्ट्रपति के स्वागत के लिए अपेक्षित स्तर का प्रतिनिधित्व नहीं था, जिसे लेकर प्रोटोकॉल को लेकर सवाल उठे।
कार्यक्रम स्थल और व्यवस्थाओं को लेकर भी उठा विवाद
सूत्रों के अनुसार कार्यक्रम स्थल में बदलाव और कार्यक्रम में अपेक्षा से कम भीड़ होने को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति ने इस स्थिति पर असंतोष भी जताया था। इसके बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया।
केंद्र सरकार ने मांगा जवाब
केंद्र सरकार ने पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए पश्चिम बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांगी है। केंद्र का कहना है कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद से जुड़े प्रोटोकॉल का पालन होना बेहद जरूरी है।
भाजपा ने साधा निशाना
भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे को राष्ट्रपति पद के सम्मान से जोड़ते हुए राज्य सरकार की आलोचना की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि संवैधानिक पदों के सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
ममता बनर्जी का पलटवार
वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का प्रोटोकॉल उल्लंघन नहीं हुआ है। उनका दावा है कि कार्यक्रम निजी संस्था द्वारा आयोजित था और राष्ट्रपति सचिवालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही सारी व्यवस्थाएं की गई थीं।
ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है।
चुनावी माहौल में बढ़ी सियासत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावी माहौल के बीच यह विवाद और ज्यादा राजनीतिक रूप ले सकता है। दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और गरमाने के आसार हैं।




