बंगाल चुनाव के बीच मोदी सरकार का बड़ा दांव: पूर्व TMC दिग्गज दिनेश त्रिवेदी ढाका में भारत के नए उच्चायुक्त नियुक्त
सियासी गलियारों में हलचल: चुनाव के दौरान अनुभवी नेता को पड़ोसी देश की कमान सौंपने के पीछे बड़ा रणनीतिक संदेश

नई दिल्ली/भोपाल:
पश्चिम बंगाल में जारी चुनावी गहमागहमी के बीच केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक बेहद चौंकाने वाला और रणनीतिक फैसला लिया है। पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री और पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में भारत का नया उच्चायुक्त (High Commissioner) नियुक्त किया गया है।
यह नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि दिनेश त्रिवेदी किसी समय ममता बनर्जी के बेहद करीबी सिपहसालार रहे हैं। फरवरी 2021 में उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था। अब सरकार ने उन्हें ढाका जैसे संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी है।
कैरियर डिप्लोमैट की जगह राजनीतिक चेहरे पर भरोसा
आमतौर पर पड़ोसी देशों में अनुभवी आईएफएस (IFS) अधिकारियों को उच्चायुक्त बनाया जाता है, लेकिन दिनेश त्रिवेदी की नियुक्ति इस परंपरा से हटकर है। वह वर्तमान उच्चायुक्त प्रणय वर्मा की जगह लेंगे, जिन्हें ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ (EU) के लिए भारत का राजदूत नियुक्त किया गया है।
बांग्लादेश के साथ संबंधों को मिलेगी नई दिशा
हाल के दिनों में बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति में आए बड़े बदलावों और भारत-बांग्लादेश संबंधों में आई चुनौतियों के बीच दिनेश त्रिवेदी जैसे अनुभवी राजनेता को भेजना एक बड़ा संदेश है। जानकारों का मानना है कि:
- त्रिवेदी की गहरी राजनीतिक समझ ढाका के साथ रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने में मदद करेगी।
- बंगाल की राजनीति और संस्कृति से उनका गहरा जुड़ाव बांग्लादेश के साथ सांस्कृतिक सेतु बनाने में कारगर साबित होगा।
विपक्ष के निशाने पर फैसला
बंगाल विधानसभा चुनावों के बीच इस फैसले को लेकर सियासी पारा भी चढ़ गया है। विपक्षी दल इसे बंगाल चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष इसे राष्ट्रहित और कूटनीति का एक मास्टरस्ट्रोक बता रहा है।
ब्यूरो रिपोर्ट: टुडे इंडिया न्यूज़ एमपी (Today India News MP)
तारीख: 19 अप्रैल 2026




