#Dumdaar10 | बंगाल में ‘परिवर्तन’ की आहट? 152 सीटों के ट्रेंड ने बढ़ाई ममता की टेंशन!
पहले चरण के भारी मतदान से खिला 'कमल'? शुभेंदु और शाह के दावों ने सियासी गलियारों में मचाई हलचल

कोलकाता/भोपाल:
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण का रण समाप्त हो चुका है। 294 सदस्यीय विधानसभा की 152 सीटों पर हुए मतदान ने राज्य की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। क्या 2026 में बंगाल की धरती पर भगवा लहराने वाला है? ‘दमदार 10’ के विश्लेषण में देखिए आखिर क्यों इन 152 सीटों का ट्रेंड बीजेपी के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है।
प्रमुख बिंदु: क्यों चर्चा में है 152 का आंकड़ा?
- रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग: पहले चरण की 152 सीटों पर 92% से अधिक का ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भारी मतदान अक्सर सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) का संकेत होता है।
- बीजेपी का आत्मविश्वास: गृह मंत्री अमित शाह और शुभेंदु अधिकारी का दावा है कि पहले चरण की इन सीटों पर बीजेपी को बड़ी बढ़त मिल रही है। शुभेंदु अधिकारी के अनुसार, “नंदीग्राम से लेकर उत्तर बंगाल तक, जनता ने ममता दीदी के ‘खेला’ को खत्म करने का मन बना लिया है।”
- गढ़ में सेंध: इन 152 सीटों में उत्तर बंगाल और जंगलमहल के वो इलाके शामिल हैं जहाँ 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन मजबूत रहा था। यदि यह ट्रेंड बरकरार रहता है, तो बीजेपी बहुमत के आंकड़े (148) को आसानी से पार कर सकती है।
चुनावी समीकरण: एक नज़र में
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विवरण |
आंकड़े/जानकारी |
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कुल विधानसभा सीटें |
294 |
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पहले चरण में मतदान |
152 सीटें |
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बहुमत का आंकड़ा |
148 |
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मुख्य मुकाबला |
TMC (ममता बनर्जी) vs BJP (शुभेंदु/मोदी) |
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वोटिंग प्रतिशत (Phase 1) |
~92.59% (ऐतिहासिक) |
ममता का पलटवार: “बंगाल अपनी बेटी ही चुनेगा”
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन ट्रेंड्स को खारिज करते हुए कहा है कि राज्य की महिलाएं और अल्पसंख्यक वर्ग टीएमसी के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी योजनाओं के दम पर एक बार फिर ‘हैट्रिक’ लगाने का भरोसा जताया है।
नोट: बंगाल चुनाव के नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। तब तक इन 152 सीटों का एग्जिट पोल और ट्रेंड ही हार-जीत की दिशा तय करेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट, टुडे इंडिया न्यूज़ एमपी




