https://todayindianewsmp.live/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifUncategorizedगुवाहाटी हाइकोर्टटॉप न्यूज़देशनईदिल्लीनिवाड़ीभोपालमध्य प्रदेशराजनीतिसेवा तीर्थ PMOसोशल मीडिया प्लेटफार्म

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ा झटका, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने खारिज की अंतरिम जमानत याचिका; गिरफ्तारी की लटकी तलवार

असम के मुख्यमंत्री की पत्नी से जुड़े 'पासपोर्ट विवाद' मामले में कोर्ट का कड़ा रुख। ​जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया ने कहा- मामला सिर्फ मानहानि का नहीं, जालसाजी के भी संकेत। ​सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत, अब बढ़ सकती हैं खेड़ा की मुश्किलें।

​गुवाहाटी/नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने आज एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए खेड़ा की अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी, रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराई गई एक एफआईआर से जुड़ा है।

​क्या है पूरा मामला?

पवन खेड़ा ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया था कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी के पास एक से अधिक देशों के पासपोर्ट हैं और उनके विदेशी कंपनियों में निवेश हैं। इन आरोपों के बाद रिनिकी भुइयां सरमा ने खेड़ा के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और मानहानि की धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया था।

​कोर्ट की तल्ख टिप्पणी:

सुनवाई के दौरान जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया की पीठ ने कहा कि यह मामला केवल आपराधिक मानहानि तक सीमित नहीं है। प्राथमिक जांच और दस्तावेजों के आधार पर यह ‘भारतीय न्याय संहिता 2023’ के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि खेड़ा द्वारा पेश किए गए दस्तावेज प्रथम दृष्टया संदिग्ध और फर्जी प्रतीत होते हैं, जिनकी गहराई से जांच के लिए हिरासत में पूछताछ (Custodial Interrogation) की आवश्यकता हो सकती है।

​कानूनी दांवपेंच:

इससे पहले खेड़ा ने तेलंगाना हाईकोर्ट से ट्रांजिट बेल ली थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। शीर्ष अदालत ने उन्हें असम की संबंधित अदालत में जाने का निर्देश दिया था। अब गुवाहाटी हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद पवन खेड़ा पर गिरफ्तारी का खतरा बढ़ गया है।

​असम पुलिस की एक टीम पहले ही इस सिलसिले में दिल्ली और हैदराबाद में उनके ठिकानों पर दबिश दे चुकी है। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को कांग्रेस के लिए एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!