✈️ झांसी एयरपोर्ट: प्रशासनिक सूत्रों के आधार पर संभावित स्थान सामने आए
चार क्षेत्रों पर हुआ प्रारंभिक मंथन, अंतिम निर्णय लखनऊ स्तर पर लंबित

निवाड़ी,झांसी। झांसी जिले में प्रस्तावित हवाई अड्डे को लेकर प्रशासनिक हलकों में मंथन तेज हो गया है। हालांकि जिला प्रशासन ने आधिकारिक रूप से स्थानों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार झांसी जिले के चार क्षेत्रों को प्रारंभिक रूप से संभावित माना गया है, जिनकी जानकारी राज्य शासन को भेजी जा चुकी है।

🔍 प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार संभावित क्षेत्र
सूत्रों के मुताबिक जिन स्थानों पर विचार किया गया है, वे निम्न विशेषताओं के आधार पर चुने गए हैं—समतल भूमि, कम आबादी, बेहतर कनेक्टिविटी और भविष्य में विस्तार की संभावना।
1️⃣ झांसी–ललितपुर रोड से सटे ग्रामीण क्षेत्र
राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधी कनेक्टिविटी
अपेक्षाकृत कम घनी आबादी
बड़े भू-खंड उपलब्ध होने की संभावना
2️⃣ झांसी–खजुराहो मार्ग के आसपास का इलाका
पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण रूट
बुंदेलखंड पर्यटन सर्किट से जुड़ाव
भविष्य में चार्टर्ड और क्षेत्रीय उड़ानों के लिए अनुकूल
3️⃣ झांसी–मऊरानीपुर मार्ग के समीप क्षेत्र
कृषि के साथ मिश्रित भूमि उपयोग
शहर से मध्यम दूरी
विस्तार की पर्याप्त गुंजाइश
4️⃣ शहर के बाहरी दक्षिणी/पश्चिमी परिधि का क्षेत्र
शहरी सीमा से बाहर होने के कारण कम विस्थापन
सड़क और रेल नेटवर्क से जुड़ने की सुविधा
लॉजिस्टिक और औद्योगिक गतिविधियों के लिए अनुकूल
नोट: ये सभी नाम आधिकारिक पुष्टि नहीं हैं, बल्कि प्रशासनिक सूत्रों और प्रक्रिया से जुड़े संकेतों पर आधारित संभावित क्षेत्र हैं।
🗂️ लखनऊ को भेजी गई रिपोर्ट में क्या शामिल?

सूत्रों के अनुसार राज्य शासन को भेजी गई रिपोर्ट में—
भूमि की उपलब्धता
प्रारंभिक नक्शे
तकनीकी उपयुक्तता
पर्यावरण और आबादी से जुड़ी जानकारी
शामिल की गई है।
🛫 क्यों जरूरी है झांसी में हवाई अड्डा?

बुंदेलखंड को राष्ट्रीय हवाई नेटवर्क से जोड़ने की दिशा
पर्यटन, उद्योग और निवेश को बढ़ावा
मेडिकल, आपातकालीन और वीआईपी कनेक्टिविटी
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
🔜 आगे क्या?
अब राज्य शासन द्वारा प्रस्ताव की जांच के बाद—
तकनीकी सर्वे कराया जाएगा
अंतिम स्थान का चयन होगा
इसके बाद ही जमीन का आधिकारिक नाम सार्वजनिक किया जाएगा
📌 Today India News MP
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झांसी एयरपोर्ट का प्रस्ताव केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि पूरे बुंदेलखंड के विकास की उड़ान माना जा रहा है। अंतिम फैसले पर अब सभी की नजरें लखनऊ पर टिकी हैं।




