बाल विवाह के दुष्परिणामों को बताया
बाल विवाह रोकथाम एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

निवाड़ी। Today India News mp
निवाड़ी कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती ज्योति पांडे के मार्गदर्शन में शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर उत्कृष्ट कन्या छात्रावास, निवाड़ी में बाल विवाह रोकथाम एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर श्रीमती नीलम नायक ने बालिकाओं को वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं की जानकारी देते हुए बाल विवाह के दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाल विवाह समाज में व्याप्त एक गंभीर सामाजिक कुप्रथा है, जिसे समाप्त करना केवल कानून ही नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है।

उन्होंने बताया कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक विकास में बड़ी बाधा बनता है।
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को जानकारी दी गई कि लड़कियों की न्यूनतम वैवाहिक आयु 18 वर्ष एवं लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। बाल विवाह कराने वाले अभिभावक, पुरोहित या अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। बाल विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दी जा सकती है।
इस अवसर पर सभी उपस्थित बालिकाओं ने संकल्प लिया कि वे अपने परिवार एवं समाज में बाल विवाह नहीं होने देंगी और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगी। कार्यक्रम में बाल विवाह के विरुद्ध नारे लगाए गए—
“18 से पहले शादी नहीं, पढ़ाई से बढ़ेगी ज़िंदगी”,

“बेटी को पढ़ाओ, बाल विवाह रोकाओ”।
कार्यक्रम में छात्रावास की अधीक्षिका श्रीमती रेखा अहिरवार की उपस्थिति रही। वहीं वन स्टॉप सेंटर से श्रीमती राखी नायक ने सभी महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी, जिससे बालिकाओं में जागरूकता और अधिक बढ़ी।
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कार्यक्रम के अंत में बालिकाओं ने अपने क्षेत्र को ‘बाल विवाह मुक्त क्षेत्र’ बनाने की दिशा में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।



