पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में बाल सुरक्षा कानूनों पर महत्वपूर्ण कार्यशाला सम्पन्न
POCSO एवं किशोर न्याय अधिनियम पर जोर: पुलिस अधीक्षक बोले— बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

निवाड़ी।
बच्चों के अधिकारों एवं संरक्षण को लेकर जिले में एक महत्वपूर्ण बहु-विभागीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
पुलिस अधीक्षक निवाड़ी डॉ. राय सिंह नरवरिया की अध्यक्षता में यह कार्यशाला पुलिस कंट्रोल रूम, निवाड़ी में आयोजित हुई, जिसमें किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) एवं पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना तथा कानून के तहत उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा। इसमें किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, स्वयंसेवी संगठन एवं पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

कानून के दायरे में रहकर बच्चों से मैत्रीपूर्ण व्यवहार अपनाने की अपील
पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों के मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करते हुए मैत्रीपूर्ण वातावरण अपनाया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के साथ वयस्कों जैसा व्यवहार किसी भी स्थिति में न किया जाए, क्योंकि यह कानूनन गलत है।

18 वर्ष से कम आयु वालों को जेल नहीं भेजने पर जोर
कार्यशाला में किशोर न्याय बोर्ड की प्रधान मजिस्ट्रेट श्रीमती नूतन रावते ने कहा कि पुलिस द्वारा किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी के समय उसकी आयु की अनिवार्य जांच की जानी चाहिए।
यदि अपराध के समय व्यक्ति की आयु 18 वर्ष से कम पाई जाती है, तो उसे सीधे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, न कि जेल भेजा जाए।
JJ Act के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी
विधि सह परिवीक्षा अधिकारी श्री भारत भूषण झा ने किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों को विस्तार से समझाते हुए बताया कि यह अधिनियम न केवल कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों पर, बल्कि देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों पर भी लागू होता है। बच्चों के लिए वयस्कों से भिन्न एवं संवेदनशील प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
विभिन्न विभागों एवं संगठनों की रही सहभागिता

कार्यशाला में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती अनुपमा नायक, सदस्य श्रीमती प्रीति चतुर्वेदी, अनिल पुष्पकार, सुभाषचंद्र वैद्य, डीसीबी शाखा से आरक्षक राहुल यादव, जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारी, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी तथा ग्रामीण स्वावलंबन समिति के सदस्य भारती अहिरवार, शीतल डागौर सहित अन्य उपस्थित रहे।
कार्यशाला का आयोजन पुलिस विभाग द्वारा किया गया, जिसे बच्चों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




