कांग्रेस को बड़ा झटका: 48 साल पुराने ’24 अकबर रोड’ मुख्यालय को खाली करने का अल्टीमेटम
दिल्ली में अब 'इंदिरा भवन' होगा नया ठिकाना, यूथ कांग्रेस को भी रायसीना रोड स्थित दफ्तर छोड़ने का निर्देश

नई दिल्ली/भोपाल:
भारतीय राजनीति का केंद्र रहे 24, अकबर रोड से अब कांग्रेस की विदाई का समय आ गया है। केंद्र सरकार ने कांग्रेस पार्टी को अपने इस ऐतिहासिक मुख्यालय को पूरी तरह खाली करने का निर्देश जारी कर दिया है। पिछले करीब 48 वर्षों से यह बंगला कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों का मुख्य आधार रहा है, लेकिन अब पार्टी को अपना पूरा कामकाज नए मुख्यालय में शिफ्ट करना होगा।
क्यों खाली कराया जा रहा है दफ्तर?
कांग्रेस ने पिछले साल ही कोटला मार्ग पर अपने नए भव्य मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ का उद्घाटन कर दिया था। नियमानुसार, नया कार्यालय मिलने के बाद पुराने सरकारी बंगले को खाली करना होता है। हालांकि, उद्घाटन के महीनों बाद भी अकबर रोड स्थित दफ्तर में हलचल जारी है और वहां से कामकाज पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, जिसके चलते अब सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है।
यूथ कांग्रेस पर भी चली गाज
सिर्फ मुख्य मुख्यालय ही नहीं, बल्कि 5, रायसीना रोड स्थित इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के कार्यालय को भी खाली करने का नोटिस दिया गया है। लंबे समय से ये दोनों पते कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन और रणनीतिक बैठकों के गवाह रहे हैं।
अकबर रोड का ऐतिहासिक महत्व
- 1978 से नाता: कांग्रेस 1978 से इस बंगले का उपयोग मुख्यालय के रूप में कर रही है।
- इमरजेंसी के बाद का दौर: आपातकाल के बाद जब कांग्रेस विभाजित हुई, तब से यह स्थान पार्टी की पहचान बन गया था।
- प्रमुख फैसले: सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में लिए गए कई ऐतिहासिक फैसलों का गवाह यह दफ्तर रहा है।




