’देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा, राज्य सप्लाई चेन दुरुस्त रखें’: मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में बोले पीएम मोदी
पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रधानमंत्री ने की हाई-लेवल मीटिंग; कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त एक्शन के निर्देश

नई दिल्ली/भोपाल। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक स्तर पर उपजे ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के साथ एक अहम वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को आश्वस्त किया कि भारत में लॉकडाउन लगाने का कोई विचार नहीं है। उन्होंने राज्यों को निर्देश दिए कि वे आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) को मजबूत करें ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की किल्लत का सामना न करना पड़े।
अफवाहों पर न दें ध्यान, लॉकडाउन की खबरें निराधार
सोशल मीडिया पर चल रही लॉकडाउन की चर्चाओं को प्रधानमंत्री ने पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि “कुछ लोग पुरानी यादों और वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देकर भ्रम फैला रहे हैं, लेकिन देश में लॉकडाउन की कोई आवश्यकता नहीं है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार केवल एहतियाती कदम उठा रही है ताकि वैश्विक युद्ध जैसी स्थिति का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर कम से कम हो।
सप्लाई चेन और जमाखोरी पर राज्यों को कड़ी चेतावनी
पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों से ‘टीम इंडिया’ की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया। उन्होंने राज्यों को विशेष रूप से तीन बिंदुओं पर सतर्क रहने को कहा:
- सप्लाई चेन: खाद्य सामग्री, दवाइयां और ईंधन की आपूर्ति में कोई बाधा न आने दें।
- कालाबाजारी पर रोक: संकट का फायदा उठाकर सामान छिपाने या दाम बढ़ाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
- कंट्रोल रूम की सक्रियता: राज्य और जिला स्तर पर मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम को 24×7 एक्टिव रखा जाए।
ईंधन और खाद की उपलब्धता पर केंद्र का भरोसा
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत के पास कच्चे तेल (Crude Oil) और खाद (Fertilizer) का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सरकार ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर जनता को राहत दी है। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों जैसे सोलर और बायो-फ्यूल को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से काम करें।
तटीय और सीमावर्ती राज्यों को विशेष निर्देश
शिपिंग और समुद्री व्यापार में आने वाली चुनौतियों को देखते हुए पीएम ने तटीय राज्यों को समुद्री सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स पर विशेष ध्यान देने को कहा है। साथ ही, जिन राज्यों के नागरिक पश्चिम एशिया में फंसे हैं, उनके लिए हेल्पलाइन नंबर और नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं।




