प्रधानमंत्री का हुंकार: “नारी शक्ति के विरोधियों को देश कभी माफ नहीं करेगा
सपा, कांग्रेस, TMC और DMK के 'दोहरे चेहरे' उजागर; PM मोदी ने लिया संकल्प—हर हाल में मिलेगा महिलाओं को हक!

नई दिल्ली/भोपाल | टुडे इंडिया न्यूज एमपी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में आज विपक्ष के उन दलों पर करारा प्रहार किया, जिन्होंने संसद में महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) की राह में रोड़े अटकाए हैं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस, सपा, TMC और DMK जैसे दलों ने इस ऐतिहासिक विधेयक का विरोध करके न केवल देश की आधी आबादी का अपमान किया है, बल्कि अपने ‘महिला विरोधी’ चरित्र को भी बेनकाब कर दिया है।
विपक्ष ने किया ‘भ्रूण हत्या’ जैसा पाप: PM
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में तीखे शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने संसद में इस बिल को गिराकर राजनीतिक “भ्रूण हत्या” जैसा पाप किया है। उन्होंने कहा, “जब सदन में नारी शक्ति को हक देने की बात आई, तो परिवारवादी पार्टियों के नेता मेजें थपथपाकर खुशियां मना रहे थे। उनकी यह खुशी महिलाओं के सपनों को कुचलने की खुशी थी।” ### सपा, कांग्रेस और TMC पर सीधा हमला
PM मोदी ने विशेष रूप से अखिलेश यादव की सपा, ममता बनर्जी की TMC और स्टालिन की DMK को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ये दल केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए महिलाओं का नाम लेते हैं, लेकिन जब वास्तव में उन्हें अधिकार देने का समय आया, तो इन्होंने पीठ दिखा दी। उन्होंने चेतावनी दी कि उत्तर प्रदेश, बंगाल और तमिलनाडु की महिलाएं इस अपमान को कभी नहीं भूलेंगी।
हमारा संकल्प अटल: 2029 तक लागू होगा कानून
संसद में संख्या बल के अभाव के कारण बिल में आए गतिरोध के बावजूद, प्रधानमंत्री ने देश की माताओं-बहनों को भरोसा दिलाया कि सरकार पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने संकल्प लिया कि:
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम को हर हाल में प्रभावी बनाया जाएगा।
- विपक्ष के हर षड्यंत्र को नाकाम कर 33% आरक्षण का सपना हकीकत बनेगा।
- सरकार 2029 के चुनावों से पहले महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
एमपी में भी उबाल, जनता सिखाएगी सबक!
टुडे इंडिया न्यूज से चर्चा में भाजपा नेताओं ने कहा कि मध्य प्रदेश की ‘लाड़ली बहना’ अब इन विपक्षी दलों के असली चेहरे को पहचान चुकी है। आने वाले समय में जनता इन ‘नारी शक्ति विरोधियों’ को करारा जवाब देगी। प्रधानमंत्री के इस संबोधन ने स्पष्ट कर दिया है कि 2026 की यह लड़ाई अब सीधे तौर पर ‘महिला सशक्तिकरण’ बनाम ‘परिवारवाद’ की बन गई है।
ब्यूरो रिपोर्ट, टुडे इंडिया न्यूज एमपी




