नेपाल बोला- ‘सीमा विवाद’ उतना बड़ा नहीं जितना दिखाया जाता है, बाढ़ की तबाही के बीच भारत की मदद से पिघल रही रिश्तों की बर्फ
तिब्बत से आई भयानक बाढ़ के संकट के बीच नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल का बड़ा बयान, कहा- पड़ोसियों में सीमा विवाद आम बात, भारत दे रहा है हरसंभव मदद

टुडे इंडिया न्यूज एमपी
काठमांडू/नईदिल्ली : –
नेपाल इस समय तिब्बत से आए भयंकर फ्लैश फ्लड और बाढ़ की विनाशकारी तबाही का सामना कर रहा है। ऐसे मुश्किल वक्त में नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भारत के साथ सीमा विवाद को लेकर एक बड़ा और सुलझा हुआ बयान दिया है। काठमांडू में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि पड़ोसी देशों के बीच सीमा से जुड़े मुद्दे होना स्वाभाविक हैं, लेकिन इन्हें जितना बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है, वास्तविकता में यह उतने बड़े नहीं हैं।
विदेश मंत्री खनाल ने कहा कि यदि दो देश पड़ोसी हैं, तो सीमा समस्याएं होना लाजिमी हैं। उन्होंने भारत और नेपाल के बीच खुली सीमाओं का जिक्र करते हुए इसे दुनिया की एक अनूठी विशेषता बताया, जहां लोग बिना किसी जटिल कागजी कार्रवाई के आ-जा सकते हैं। दोनों देशों के बीच मौजूद मौजूदा द्विपक्षीय तंत्रों के जरिए इन मुद्दों को बातचीत के माध्यम से सुलझाए जाने की बात भी उन्होंने दोहराई।
भारत की त्वरित और उदार सहायता
तिब्बत सीमा से लगी नदियों में आए उफान और अचानक आई बाढ़ के कारण नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मची है, जिसमें रसुवा और भोटेकोशी नदी घाटी का क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस आपदा के बीच भारत ने मानवता का परिचय देते हुए तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किए हैं। भारत की ओर से नेपाल को वायु सेना के विमानों (C-130J और C-17 ग्लोबमास्टर) के जरिए अब तक लगभग 47.5 टन आपात राहत सामग्री भेजी जा चुकी है। इस सहायता सामग्री में जीवनरक्षक दवाएं, टेंट, त्रिपाल, कंबल, सोलर लैंप, जनरेटर, पानी निकालने के पंप और अन्य आवश्यक सामग्रियां शामिल हैं।
संकट की इस घड़ी में भारत द्वारा बढ़ाई गई मदद और नेपाल के विदेश मंत्री की तरफ से आए इन नरम कूटनीतिक बयानों को दोनों देशों के बीच के रिश्तों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।




