निगम–मंडल और प्राधिकरणों की नियुक्तियों को लेकर सत्ता व संगठन में हलचल तेज
बीएल संतोष के भोपाल दौरे के बाद प्रक्रिया अंतिम चरण में, तीन–चार माह में भरे जाएंगे रिक्त पद

भोपाल।
मध्यप्रदेश में निगम, मंडल, आयोग और विकास प्राधिकरणों में लंबे समय से लंबित राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सत्ता और संगठन के बीच हलचल तेज हो गई है।
दिल्ली में चल रही राजनीतिक गतिविधियों के बीच भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष का अचानक भोपाल आगमन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि नियुक्ति प्रक्रिया अब निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है।

सूत्रों के अनुसार बीएल संतोष के भोपाल प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित संगठन के वरिष्ठ नेताओं के साथ कई स्तरों पर मंथन हुआ। बैठकों में निगम–मंडल, बोर्ड, आयोग एवं प्राधिकरणों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
तीन से चार माह में पूरी होगी नियुक्ति प्रक्रिया
भाजपा संगठन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आगामी तीन से चार महीनों के भीतर जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक सभी रिक्त पदों पर नियुक्तियां कर दी जाएंगी।
संगठन द्वारा संभावित नामों की सूची तैयार कर ली गई है, जिसे अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

बताया जा रहा है कि कई जिलों और नगरीय निकायों में लंबे समय से पद खाली पड़े होने के कारण संगठनात्मक गतिविधियों पर असर पड़ रहा था, जिसे अब दूर करने की रणनीति बनाई गई है।
महानगरों पर विशेष फोकस
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े नगर निगमों में अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्तियों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
इसके अलावा अन्य नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में भी बड़ी संख्या में राजनीतिक नियुक्तियां प्रस्तावित हैं।
सूत्रों के मुताबिक जिन नगर निगमों की जनसंख्या अधिक है, वहां अपेक्षाकृत अधिक पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जबकि छोटे नगरीय निकायों में सीमित संख्या में दायित्व सौंपे जाएंगे।

संगठनात्मक संतुलन साधने की कवायद
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नियुक्तियों के जरिए भाजपा संगठनात्मक संतुलन साधने, सक्रिय कार्यकर्ताओं को दायित्व देने और आगामी चुनावी तैयारियों को मजबूती देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। लंबे समय से अटकी इस प्रक्रिया के तेज होने से पार्टी के भीतर हलचल और सक्रियता दोनों बढ़ गई हैं।




