बड़वानी में CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन: जन-विश्वास अभियान के दौरान लापरवाही पर तत्कालीन तहसीलदार, जनपद CEO और पटवारी समेत 7 अधिकारी निलंबित
सीएम हेल्पलाइन और 'समाधान कार्यक्रम' की समीक्षा के दौरान मंच से लिया गया फैसला; जनहित की योजनाओं में देरी पर मुख्यमंत्री की सख्त चेतावनी—"लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी"

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टुडे इंडिया न्यूज़ एमपी (Today India News MP)
स्पेशल रिपोर्ट | बड़वानी बुलेटिन
बड़वानी / भोपाल:
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़वानी जिले के दौरे के दौरान प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए मंच से ही 7 अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) करने का निर्देश दिया है। ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान’ के तहत आयोजित जिला स्तरीय ‘समाधान कार्यक्रम’ में आम जनता की शिकायतों और CM हेल्पलाइन के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने यह बड़ा फैसला सुनाया।
इसके अतिरिक्त, नगरीय प्रशासन इंदौर के संयुक्त संचालक (JD) एस.के. सिन्हा को भी लापरवाही के मामले में कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया गया है।

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🚫 निलंबित किए गए 7 अधिकारियों/कर्मचारियों की सूची
- आशा परमार (तत्कालीन तहसीलदार, वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर): पीएम किसान सम्मान निधि और नामांतरण प्रकरणों में अनावश्य देरी के लिए।
- मांगीलाल नरगांवे (पटवारी): किसान सम्मान निधि और राजस्व संबंधी शिकायतों के निराकरण में हीलाहवाली के कारण।
- ललित बोरसे (पटवारी): नामांतरण व सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने पर।
- सौरभ सिंह राठौड़/ठाकुर (तत्कालीन CEO, जनपद पंचायत पानसेमल): संबल योजना के तहत अनुग्रह सहायता राशि का वर्ष 2019 से लंबित रखने के मामले में।
- मायाराम सोलंकी (तत्कालीन CMO, राजपुर नगर परिषद): प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में अनियमिता और विलंब के लिए।
- जगदीश धांगड़ (तत्कालीन CMO): पीएम आवास योजना के हितग्राहियों की शिकायतों पर कार्रवाई न करने के लिए।
- राजू डाबर (सहायक यंत्री – AE): राजपुर क्षेत्र में विकास कार्यों और आवास योजना की देखरेख में लापरवाही के लिए।
🔍 क्यों गिरी अफसरों पर गाज?
कलेक्टोरेट परिसर में आयोजित जन-सुनवाई व समाधान कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीधे आवेदकों और किसानों से बातचीत की:
- संबल योजना में 5 साल की देरी: पानसेमल के आवेदक ने बताया कि 11 अप्रैल 2019 को संबल योजना की सहायता राशि के लिए आवेदन दिया था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ। इस पर सीएम ने तत्कालीन जनपद CEO को तुरंत निलंबित करने का आदेश दिया।
- नामांतरण व किसान सम्मान निधि: जमीन नामांतरण और किसान सम्मान निधि के खातों में गड़बड़ी की लगातार आ रही शिकायतों पर पटवारियों और तत्कालीन तहसीलदार की सीधी जवाबदेही तय की गई।
- प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी): राजपुर नगर परिषद क्षेत्र में गरीबों के मकान स्वीकृत करने और राशि हस्तांतरित करने में भारी लेटा-लतीफी पाई गई।
💬 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बयान
“हमारी सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ तय समय-सीमा के भीतर मिले। अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, लेकिन आम जनता को चक्कर कटवाने और काम लटकाने वाले अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
🎁 बड़वानी को मिलीं कई बड़ी विकास सौगातें
कार्रवाई के साथ ही मुख्यमंत्री ने जिले के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं:
- ₹25 करोड़ की स्वीकृति: राजघाट स्थित नर्मदा घाट के सर्वांगीण विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए।
- फूड प्रोसेसिंग यूनिट: बड़वानी के किसानों और कपास उत्पादकों के लिए कृषि प्रसंस्करण इकाई की स्थापना।
- मैथ्स पार्क का लोकार्पण: शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बोरलाय में ₹6.27 लाख की लागत से निर्मित गणित पार्क का उद्घाटन।



