चीन को पछाड़ $50 अरब का ग्लोबल किंग बनेगा भारत का टेलीकॉम सेक्टर, नीति आयोग ने तैयार किया 5 लाख नौकरियों का महाप्लान
4G/5G नेटवर्क उपकरणों में चीन पर 80% निर्भरता खत्म करने की तैयारी; 2035 तक जीडीपी में हिस्सेदारी दोगुनी करने और 50 अरब डॉलर के निर्यात का रखा गया लक्ष्य

टुडे इंडिया न्यूज एमपी (विशेष रिपोर्ट)
नई दिल्ली/भोपाल: भारत का टेलीकॉम और नेटवर्क इक्विपमेंट (TANE) सेक्टर आने वाले दिनों में देश की अर्थव्यवस्था का नया पावरहाउस बनने जा रहा है। सरकारी थिंक टैंक नीति आयोग की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, यदि इस क्षेत्र को मजबूत नीतिगत प्रोत्साहन दिया जाए, तो भारत वर्ष 2035 तक 50 अरब डॉलर का वैश्विक निर्यात केंद्र (Export Hub) बन सकता है। इस ऐतिहासिक महाप्लान से देश भर में 5 लाख से अधिक कुशल (Skilled) नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।
चीन से निर्भरता खत्म करने की बड़ी रणनीति
रिपोर्ट में चिंता जताई गई है कि भारत वर्तमान में 4G और 5G नेटवर्क के लिए इस्तेमाल होने वाले एंटीना और सिग्नल प्रोसेसर जैसे 80% से ज्यादा महत्वपूर्ण उपकरणों के लिए चीन पर निर्भर है। वर्ष 2020 से 2024 के दौरान भारत का टेलीकॉम निर्यात सालाना केवल 0.6 से 1 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 4 से 5 अरब डॉलर तक पहुँच गया। नीति आयोग का मानना है कि इस असंतुलन को दूर कर देश में ही कलपुर्जों के निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा।
योजना के मुख्य बिंदु:
- 5 लाख रोजगार का सृजन: देश के तकनीकी युवाओं के लिए 5,00,000 हाई-स्किल्ड जॉब्स के मौके बनेंगे।
- जीडीपी में दोगुनी हिस्सेदारी: टेलीकॉम सेक्टर का जीडीपी योगदान 2035 तक बढ़कर 1 से 1.5 प्रतिशत हो जाएगा।
- आयात में 50% की कटौती: राष्ट्रीय दूरसंचार नीति (NTP-25) के तहत घरेलू उत्पादन में 150% की वृद्धि और विदेशों से आयात में 50% की कमी का लक्ष्य रखा गया है।
- PLI स्कीम का विस्तार: प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के जरिये घरेलू कंपनियों को 26 से 29% तक के वित्तीय नुकसान की भरपाई में मदद मिलेगी।
नीति आयोग के इस रोडमैप से न केवल भारत की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी, बल्कि मेक इन इंडिया मुहिम को भी पंख लगेंगे।




