डिजिटल क्रांति: अब मोबाइल ऐप पर मिलेंगी चुनाव आयोग की 40 से अधिक सेवाएं, घर बैठे बनेगी वोटर ID
'एकल-बिंदु ऐप' में एकीकृत की गईं आयोग की तमाम डिजिटल सेवाएं; मध्य प्रदेश समेत देशभर के मतदाताओं को मिलेगी बड़ी राहत, बीएलओ के चक्कर काटने से मिलेगी मुक्ति

भोपाल/नई दिल्ली (टुडे इंडिया न्यूज एमपी):
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश के मतदाताओं और चुनावी प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए एक बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। आयोग की 40 से अधिक प्रमुख डिजिटल सेवाओं और आईटी एप्लिकेशनों को एक ही एकीकृत मोबाइल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करा दिया गया है। इस व्यवस्था के लागू होने से मध्य प्रदेश सहित पूरे देश के नागरिकों को वोटर कार्ड बनवाने, नाम में संशोधन कराने या चुनाव से जुड़ी अन्य जानकारियों के लिए अलग-अलग वेबसाइट्स या दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
एक ही ऐप में उपलब्ध होंगी ये प्रमुख सुविधाएं:
- नया वोटर ID रजिस्ट्रेशन एवं संशोधन: नए मतदाता के रूप में पंजीकरण (फॉर्म-6), ट्रांसफर/शिफ्टिंग और किसी भी प्रकार के नाम या पते के सुधार (फॉर्म-8) के लिए आवेदन सीधे मोबाइल से हो सकेगा।
- डिजिटल वोटर ID (e-EPIC) डाउनलोड: स्वीकृत आवेदनों के बाद मतदाता अपना डिजिटल वोटर पहचान पत्र सीधे स्मार्टफोन पर तुरंत डाउनलोड कर सकेंगे।
- मतदाता सूची एवं बूथ खोज: वोटर लिस्ट में अपना नाम जांचने, अपने पोलिंग बूथ (मतदान केंद्र) की सटीक जानकारी और संबंधित बीएलओ (BLO) का संपर्क सूत्र आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
- आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत: चुनाव के दौरान धांधली या आचार संहिता उल्लंघन की स्थिति में नागरिक लाइव फोटो और लोकेशन के साथ ऐप पर शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
- उम्मीदवारों की कुंडली (Affidavits): चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों की शैक्षणिक योग्यता, आपराधिक रिकॉर्ड, संपत्ति और हलफनामों की विस्तृत जानकारी पारदर्शी रूप से उपलब्ध रहेगी।
- आवेदन का रियल-टाइम स्टेटस: अपने आवेदन (Application Status) और शिकायतों के निपटारे की स्थिति को हर स्तर पर ट्रैक करने की सुविधा दी गई है।
मध्य प्रदेश के युवाओं और आम नागरिकों को होगा सीधा फायदा
निर्वाचन आयोग के इस कदम से मध्य प्रदेश के दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों और डिजिटल-फ्रेंडली युवाओं को बड़ा लाभ मिलेगा। विशेष रूप से 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए मतदाताओं को पहली बार वोटर कार्ड बनवाने के लिए अब लंबी प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ेगा। डिजिटल माध्यम से आवेदन सत्यापन और समयबद्ध प्रक्रिया से फर्जीवाड़े पर भी लगाम लगेगी।
आयोग का स्पष्ट लक्ष्य है कि नागरिकों को सूचना और सेवा डिलीवरी का एकल माध्यम प्रदान कर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में आम जन की सहभागिता को और मजबूत किया जाए।




