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सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026: आस्था, इतिहास और राष्ट्रीय एकता का महाअभियान

1000 वर्ष बाद फिर जागेगा सोमनाथ का स्वाभिमान, 10 जनवरी को देशभर में होगा ओंकार मंत्र जाप

गुजरात, सौराष्ट्र । भारत की सनातन संस्कृति, आस्था और राष्ट्र चेतना के प्रतीक सोमनाथ महादेव मंदिर पर हुए आक्रमण को 2026 में पूरे 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसी ऐतिहासिक स्मृति को राष्ट्रव्यापी जागरण में बदलने के लिए वर्ष 2026 को “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के रूप में मनाया जाएगा।

 

जनवरी 1026 में गजनी के महमूद द्वारा किए गए आक्रमण के बावजूद सोमनाथ मंदिर की आत्मा, आस्था और भारतीय संस्कृति कभी नहीं टूटी। एक हजार वर्षों की यह निरंतरता, पुनर्निर्माण और प्रतिरोध आज भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक बन चुकी है।

11 मई 1951 को हुआ था पुनर्निर्मित मंदिर का उद्घाटन
सोमनाथ मंदिर को आधुनिक स्वरूप में पुनर्स्थापित किए हुए भी 2026 में 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
11 मई 1951 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की उपस्थिति में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोला गया था।

यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि भारत की आध्यात्मिक पुनर्जागरण और सांस्कृतिक पुनर्स्थापना का प्रतीक है।

8, 9 और 10 जनवरी को राष्ट्रव्यापी श्रद्धांजलि अभियान
1026 के आक्रमण की स्मृति में तीन दिवसीय राष्ट्रीय अभियान चलाया जाएगा –
8 जनवरी
9 जनवरी
10 जनवरी

इन तीनों दिनों में सोमनाथ की अखंडता, सनातन संस्कृति और शिवभक्ति को समर्पित विशेष आयोजन होंगे।

10 जनवरी को देशभर के शिवालयों में होगा ओंकार मंत्र जाप
10 जनवरी 2026 को देश के सभी शिव मंदिरों में एक साथ
“ॐ नमः शिवाय” और ओंकार मंत्र का सामूहिक जाप किया जाएगा।
लाखों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक आध्यात्मिक अभियान से जुड़ेंगे।

इसका उद्देश्य –
सोमनाथ की अखंडता का स्मरण
सनातन संस्कृति का जागरण
राष्ट्रीय आत्मगौरव को मजबूत करना
11 जनवरी को सोमनाथ में सहस्त्र संकल्प यात्रा
11 जनवरी 2026 को माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में
सोमनाथ मंदिर परिसर में “सहस्त्र संकल्प यात्रा” का आयोजन किया जाएगा।

इसी दिन पूरे वर्ष चलने वाले

“सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026” की औपचारिक घोषणा भी होगी।
देशभर में संगठनात्मक और जनसहभागिता अभियान
इस अभियान को व्यापक रूप देने के लिए –
पार्टी पदाधिकारी
कार्यकर्ता
जिला पंचायत, जनप्रतिनिधि
ब्लॉक व मंडल स्तर के कार्यकर्ता
सांसद, विधायक, पार्षद

सभी को शिवालयों में पूजा, आरती और मंत्र जाप के आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही

व्हाट्सएप ग्रुप, कॉल सेंटर और ऑडियो ब्रिज के माध्यम से प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक सूचना प्रसारित की जाएगी।

सोमनाथ – आस्था से राष्ट्र चेतना तक
सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि भारत के

संघर्ष, पुनर्जन्म और सांस्कृतिक विजय का प्रतीक है।
1000 वर्ष पहले जिस सोमनाथ को मिटाने की कोशिश की गई थी, वही सोमनाथ आज भारत की आत्मा और स्वाभिमान बनकर खड़ा है।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026 इसी ऐतिहासिक गौरव को हर भारतीय के हृदय तक पहुंचाने का राष्ट्रीय अभियान है।

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