सागर में सरसों घोटाला: सरकारी गोदामों की सरसों में 40% तक मिट्टी की मिलावट, 5 अधिकारियों पर FIR
खरीदार ने पानी में डाले दाने, कुछ ही मिनटों में बन गई मिट्टी; नाफेड ने दर्ज कराया आपराधिक मामला

सागर मध्यप्रदेश।
मध्य प्रदेश के सागर जिले में खाद्य सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। सरकारी गोदामों में संग्रहित सरसों में भारी स्तर पर मिलावट पाए जाने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच के दौरान सामने आया कि सरसों के दानों में करीब 40 प्रतिशत तक मिट्टी के दाने मिलाए गए थे।
मामले का खुलासा तब हुआ जब सरसों की खरीद करने वाले पक्ष ने गुणवत्ता पर संदेह होने पर इन दानों को पानी में डाला। कुछ ही मिनटों में कथित सरसों के दाने घुलकर मिट्टी में बदल गए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि बड़े पैमाने पर मिलावट की गई थी।

नाफेड की सख्त कार्रवाई, 5 अधिकारियों के खिलाफ FIR
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नाफेड) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस घोटाले में संलिप्त 5 अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। प्रारंभिक जांच में भंडारण, गुणवत्ता परीक्षण और निगरानी स्तर पर गंभीर लापरवाही अथवा मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।

स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की मिलावट न केवल उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी है, बल्कि लंबे समय तक इसके सेवन से पाचन संबंधी बीमारियों सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। सरकारी स्तर पर संग्रहीत खाद्यान्न में इस प्रकार की गड़बड़ी आम जनता की सेहत के लिए बड़ा खतरा मानी जा रही है।

जांच के दायरे में भंडारण और सप्लाई प्रक्रिया
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां अब सरसों की खरीद, भंडारण और वितरण प्रक्रिया की गहन पड़ताल कर रही हैं। यह भी जांच की जा रही है कि मिलावट किस स्तर पर और किसके निर्देश पर की गई। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे खाने-पीने की वस्तुओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और किसी भी प्रकार की मिलावट की आशंका होने पर संबंधित विभाग को तुरंत सूचना दें।




