Welcome to Today India News MP   Click to listen highlighted text! Welcome to Today India News MP
E-Paperhttps://todayindianewsmp.live/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifUncategorizedउत्तर प्रदेशचुनाव आयोगचुनाव आयोग भारत सरकारटॉप न्यूज़तमिलनाडुदेशनईदिल्लीनिवाड़ीपश्चिम बंगालभोपालमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघराजनीतिसुप्रीमकोर्टसेवा तीर्थ PMOसोशल मीडिया प्लेटफार्म

​सियासी बवाल: SIR के बाद देश की चुनावी लिस्ट में बड़ा फेरबदल, 5 करोड़ से ज्यादा नाम कटे

​तमिलनाडु, बंगाल और उत्तर प्रदेश में मचा हड़कंप; विपक्षी दलों ने केंद्र और चुनाव आयोग को घेरा

नई दिल्ली/भोपाल: देश के चुनावी गलियारों में इस वक्त ‘SIR’ (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर जबरदस्त सियासी घमासान मचा हुआ है। चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के बाद उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों में करोड़ों वोटरों के नाम हटाए गए हैं। इस डेटा के सामने आते ही विपक्ष ने इसे “वोटों की चोरी” और “लोकतंत्र पर हमला” करार दिया है।

राज्यों का हाल: कहाँ कितनी हुई कटौती?

​चुनाव आयोग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मतदाता सूची से नाम कटने के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है, जबकि प्रतिशत के लिहाज से अन्य राज्यों में भी स्थिति गंभीर है:

  • उत्तर प्रदेश: यहाँ सबसे ज्यादा 2.04 करोड़ नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं।
  • तमिलनाडु: यहाँ करीब 97 लाख (लगभग 11.5%) वोटरों के नाम हटाए गए हैं।
  • पश्चिम बंगाल: चुनाव से ठीक पहले यहाँ 91 लाख नाम काटे गए हैं, जिससे ममता बनर्जी सरकार बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए है।

क्यों कटे इतने नाम? चुनाव आयोग की दलील

​चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने के लिए की गई है। नाम कटने की मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:

  1. पलायन (Migration): लगभग 4.6 करोड़ लोग अपने पुराने पते पर नहीं पाए गए।
  2. मृतक मतदाता: जांच में 1.46 करोड़ मतदाता मृत पाए गए जिनके नाम अभी भी सूची में थे।
  3. दोहराव: 44 लाख से अधिक नाम ऐसे थे जो एक से ज्यादा जगह दर्ज थे।
  4. शहरीकरण: सबसे ज्यादा कटौती शहरी क्षेत्रों में हुई है जहाँ लोग अक्सर घर बदलते रहते हैं।

सियासी वार-पलटवार

  • ममता बनर्जी (प. बंगाल): बंगाल की मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सीमावर्ती जिलों में जानबूझकर एक वर्ग विशेष के नाम काटे गए हैं। उन्होंने इसे “बंगाल की अस्मिता” से जोड़ते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है।
  • बीजेपी का रुख: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य भाजपा नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष “फर्जी वोटरों” और “घुसपैठियों” के दम पर चुनाव जीतना चाहता है, इसलिए उन्हें इस सफाई से डर लग रहा है।
  • प्रशांत भूषण व अन्य विशेषज्ञ: कुछ कानूनी विशेषज्ञों ने इस प्रक्रिया की टाइमिंग पर सवाल उठाए हैं और इसे चुनावी निष्पक्षता के खिलाफ बताया है।

आम जनता के लिए सलाह

​अगर आप भी इन राज्यों से संबंध रखते हैं या आपके क्षेत्र में चुनाव होने वाले हैं, तो तुरंत Voter Helpline App या चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नाम चेक करें। यदि नाम कट गया है, तो ‘फॉर्म-6’ भरकर इसे दोबारा जुड़वाया जा सकता है।

ब्यूरो रिपोर्ट: टुडे इंडिया न्यूज एमपी

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!