ओरछा में मुख्य अभियंता कॉन्फ्रेंस: बबीना बाईपास से ओरछा मार्ग बनेगा ‘प्रभु श्रीराम थीम’ रोड, मंत्री राकेश सिंह ने दिए निर्देश
क्वालिटी से समझौता नहीं: निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और नवाचार पर लोक निर्माण मंत्री का सख्त रुख पर्यटन को लगेंगे पंख: निवाड़ी जिले की कनेक्टिविटी होगी सुदृढ़, NHAI को अंडरपास के लिए लिखा जाएगा पत्र

निवाड़ी,ओरछा | टुडे इंडिया न्यूज एमपी
ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी ओरछा में आयोजित ‘मुख्य अभियंता कॉन्फ्रेंस 2026’ में मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने प्रदेश की सड़क अधोसंरचना को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मंत्री श्री सिंह ने स्पष्ट किया कि अब प्रदेश में सड़कों का विकास केवल आवागमन के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण से भी किया जाएगा।
प्रभु श्रीराम के जीवन पर आधारित होगी सड़क की थीम
कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मंत्री राकेश सिंह ने घोषणा की कि बबीना बाईपास से ओरछा तक के मार्ग को ‘प्रभु श्रीराम थीम’ पर अपग्रेड किया जाएगा। इसकी DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) भगवान राम के जीवन से जुड़ी घटनाओं और सांस्कृतिक प्रतीकों के आधार पर तैयार की जाएगी। उन्होंने NHAI को बबीना बाईपास पर एक अंडरपास बनाने हेतु प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए, ताकि सागर-झांसी राजमार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं को सीधे और सुरक्षित मार्ग मिल सके।
निवाड़ी जिले की कनेक्टिविटी पर मंथन
बैठक से पूर्व मंत्री श्री सिंह ने निवाड़ी कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े के साथ जिले की सड़कों पर चर्चा की। कलेक्टर ने अवगत कराया कि ओरछा में श्रद्धालुओं की संख्या में 20 गुना वृद्धि हुई है। इस पर संज्ञान लेते हुए मंत्री ने निम्नलिखित प्रमुख मार्गों पर कार्य करने के निर्देश दिए:
- ओरछा तिगैला से ओरछा मंदिर मार्ग: अत्यधिक घुमावों (कर्व) को कम कर सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा।
- ओरछा से पृथ्वीपुर मार्ग: इस सिंगल रोड को ‘टू-लेन हाईवे’ में परिवर्तित करने की योजना पर चर्चा हुई।
गुणवत्ता पर जीरो टॉलरेंस की नीति
मंत्री श्री सिंह ने सभी मुख्य अभियंताओं को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा:
”परिचर्चा से ही चुनौतियों का समाधान संभव है। हम हर दो माह में ऐसी बैठकें करेंगे ताकि कार्यों के बेहतर परिणाम सामने आ सकें। अधिकारियों को केवल निर्देशों का पालन नहीं, बल्कि अपने अनुभव से नवाचार (Innovation) लाना होगा।”
कॉन्फ्रेंस में इन तकनीकी मुद्दों पर हुई चर्चा
बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह, MPRDC के एमडी भरत यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कॉन्फ्रेंस के दौरान कई आधुनिक विषयों पर चर्चा की गई:
- ग्रीन बिल्डिंग निर्माण और पर्यावरण अनुकूल तकनीक।
- भास्कराचार्य संस्थान के सहयोग से रोड नेटवर्क मास्टर प्लान का डेमोंस्ट्रेशन।
- पुलों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग और ‘लोक कल्याण सरोवर’ का निर्माण।
- सड़कों का युक्तियुक्त वर्गीकरण और गुणवत्ता नियंत्रण की नई व्यवस्था।
अमरकंटक मार्ग की तर्ज पर ओरछा मार्ग को भी आधुनिक मानकों, बेहतर डिजाइन और सुरक्षा उपायों के साथ विकसित किया जाएगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को विश्वस्तरीय अनुभव प्राप्त हो सके।




