ईरान की नाकेबंदी फेल! ओमान के रास्ते खुला नया समुद्री मार्ग, भारतीय LPG जहाज समेत 4 बड़े पोत सुरक्षित निकले
पूरी दुनिया में गहराया था तेल-गैस का संकट, अब ओमान की समुद्री सीमा बनी 'सुरक्षित कॉरिडोर'; भारतीय मालवाहक जहाजों के लिए बड़ी कामयाबी।

नई दिल्ली/मस्कट: Today india news mp
ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) बंद होने से दुनिया भर में जो तेल और गैस की सप्लाई ठप हो गई थी, उसका अब एक वैकल्पिक और सुरक्षित रास्ता खोज लिया गया है। ओमान की प्रादेशिक समुद्री सीमा (Territorial Waters) के भीतर से एक नया मार्ग तैयार किया गया है, जिसने वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच नई उम्मीद जगा दी है।
चार जहाजों ने मिलकर रचा इतिहास
ताजा जानकारी के अनुसार, ओमान के तट के बेहद करीब से गुजरते हुए चार बड़े जहाजों ने इस नए रास्ते का सफल परीक्षण किया है। इन जहाजों में भारतीय मालवाहक जहाज भी शामिल है, जो भारी मात्रा में एलपीजी (LPG) लेकर भारत की ओर आ रहा है। इन जहाजों ने ईरान के विवादित जलक्षेत्र से बचते हुए ओमान की सीमा का उपयोग किया, जिससे किसी भी प्रकार के हमले या जब्ती का खतरा टल गया।
भारत के लिए क्यों अहम है यह रास्ता?
- ऊर्जा सुरक्षा: भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आयात करता है। होर्मुज बंद होने से गैस की किल्लत होने लगी थी।
- सुरक्षित पारगमन: ओमान की सीमा से गुजरने के कारण अब जहाजों को ईरानी रडार और नौसेना के सीधे हस्तक्षेप से सुरक्षा मिल गई है।
- सफलतापूर्वक वापसी: भारतीय जहाज ‘ग्रीन सान्वी’ (Green Sanvi) और ‘पाइन गैस’ (Pine Gas) जैसे जहाजों ने भारतीय नौसेना की निगरानी में सुरक्षित रास्ता तय किया है।
दुनिया भर में तेल सप्लाई में आएगी तेजी
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया का लगभग 20% तेल और एलएनजी गुजरता है। ईरान द्वारा इसे बंद किए जाने के बाद से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगी थीं। अब ओमान के इस ‘प्लान-बी’ के सफल होने से ओमान शिप मैनेजमेंट कंपनी और अन्य वैश्विक शिपिंग कंपनियों ने राहत की सांस ली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया रास्ता न केवल भारत, बल्कि चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के लिए भी लाइफलाइन साबित होगा। फिलहाल भारतीय नौसेना और विदेश मंत्रालय पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि भारत की ऊर्जा सप्लाई में कोई बाधा न आए।




