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राज्यसभा में पीएम मोदी का कांग्रेस पर तीखा प्रहार — बोले, “संसद की मर्यादा तार-तार करते हैं और कहते हैं मोदी तेरी कब्र खुदेगी

प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का लगाया आरोप, नारेबाजी को बताया लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत

नई दिल्ली, 5 फरवरी 2026।
राज्यसभा में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए संसद की गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को लेकर कड़ा संदेश दिया।

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए कथित विवादित नारों का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष संसद की मर्यादा को तार-तार कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कुछ लोग संसद की गरिमा को गिराने में लगे हैं। लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ जैसे नारे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ हैं। यह न केवल संसद बल्कि पूरे देश की लोकतांत्रिक संस्कृति का अपमान है।”

विपक्ष पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष सरकार की नीतियों पर बहस करने के बजाय व्यक्तिगत और अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि संसद विचारों के आदान-प्रदान का मंच है, न कि नफरत फैलाने का।

मोदी ने कहा, “देश की जनता संसद को आशा और विश्वास के केंद्र के रूप में देखती है, लेकिन कुछ लोग इसे राजनीतिक कटुता का मंच बनाने में जुटे हैं। लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर गरिमा को खत्म करना स्वीकार्य नहीं है।”

कांग्रेस के इतिहास पर भी साधा निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने कई बार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया है। उन्होंने आपातकाल का संदर्भ देते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति हमेशा सत्ता बचाने के इर्द-गिर्द घूमती रही है।

उन्होंने कहा, “जिस पार्टी ने देश पर आपातकाल थोपा, वह आज लोकतंत्र की रक्षा की बात कर रही है। कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने का रहा है।”

सरकार की उपलब्धियों का भी किया जिक्र
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब, किसान, महिला और युवाओं के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है, लेकिन विपक्ष

विकास के मुद्दों पर चर्चा करने से बच रहा है।
मोदी ने कहा कि सरकार का फोकस देश को आत्मनिर्भर बनाने और वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने पर है। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में भारत ने आर्थिक, तकनीकी और कूटनीतिक मोर्चे पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री के बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रहे हैं और असली मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि देश में बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याएं बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री संसद में राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय ठोस जवाब दें।

संसद में बढ़ा राजनीतिक तापमान
प्रधानमंत्री के भाषण के बाद संसद का माहौल काफी गरमा गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। भाजपा सांसदों ने प्रधानमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए विपक्ष पर संसद की गरिमा गिराने का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष ने इसे राजनीतिक हमला करार दिया।

राजनीतिक विश्लेषकों की राय
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह बयान आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है। उनका कहना है कि संसद में इस तरह के तीखे बयान राजनीतिक ध्रुवीकरण को और तेज कर सकते हैं।

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