चीनी मिल घोटाला: पूर्व BSP MLC हाजी इकबाल ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित, 1000 करोड़ की संपत्तियां होंगी जब्त
बड़ी कार्रवाई: ईडी (ED) की अर्जी पर लखनऊ की विशेष अदालत का ऐतिहासिक फैसला, देवरिया और जौनपुर की तीन चीनी मिलों पर अब सरकारी कब्जा

लखनऊ/सहारनपुर:
उत्तर प्रदेश में वर्षों पहले हुए बहुचर्चित चीनी मिल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बड़ी सफलता मिली है। लखनऊ की विशेष PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) अदालत ने सहारनपुर के दिग्गज कारोबारी और पूर्व बसपा एमएलसी हाजी मोहम्मद इकबाल को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ (Fugitive Economic Offender) घोषित कर दिया है।
अदालत के इस फैसले के साथ ही हाजी इकबाल के साम्राज्य पर सरकारी हथौड़ा चलना तय हो गया है। 31 मार्च 2026 को सुनाए गए इस आदेश में अदालत ने उत्तर प्रदेश की तीन प्रमुख चीनी मिलों को तत्काल प्रभाव से जब्त करने का निर्देश दिया है।
इन चीनी मिलों पर गिजी गाज
विशेष कोर्ट के आदेश के बाद जिन संपत्तियों को जब्त किया जा रहा है, उनमें शामिल हैं:
- बैतलपुर चीनी मिल (देवरिया)
- भटनी चीनी मिल (देवरिया)
- शाहगंज चीनी मिल (जौनपुर)
इन तीनों मिलों की कुल बाजार कीमत करीब 1000 करोड़ रुपये (सटीक आंकड़ा ₹995.75 करोड़) बताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, मायावती सरकार के कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम की मिलों को बेहद कम दामों पर बेचा गया था। आरोप है कि हाजी इकबाल ने अपने सहयोगियों और शेल कंपनियों (फर्जी कंपनियों) के माध्यम से इन मिलों को अवैध तरीके से खरीदा।
- काली कमाई का निवेश: ईडी की जांच में सामने आया कि अवैध खनन और अन्य गैर-कानूनी जरियों से कमाए गए धन को इन चीनी मिलों में सफेद करने के लिए लगाया गया था।
- दुबई में छिपा है आरोपी: हाजी इकबाल लंबे समय से जांच से बच रहा है। बताया जा रहा है कि वह फिलहाल दुबई (UAE) में है। बार-बार समन जारी होने और गैर-जमानती वारंट (NBW) के बावजूद वह भारत नहीं लौटा, जिसके बाद ईडी ने उसे भगोड़ा घोषित करने की अपील की थी।
अब आगे क्या?
भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA), 2018 के तहत घोषित होने के बाद अब सरकार के पास यह अधिकार है कि वह हाजी इकबाल की इन सभी जब्त संपत्तियों को बेचकर घोटाले की रकम वसूल सके। ईडी सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा संदेश है और आने वाले दिनों में हाजी इकबाल की अन्य बेनामी संपत्तियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।




