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​झांसी को बड़ी सौगात: 631 करोड़ की लागत से बनेगा 15.5 किमी लंबा ग्रीनफील्ड बाईपास, सांसद अनुराग शर्मा के प्रयासों को मिली सफलता

"झांसी को जाम से मुक्ति और विकास की नई उड़ान"

झांसी/नई दिल्ली: बुंदेलखंड के प्रवेश द्वार झांसी के लिए बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने झांसी महानगर के यातायात दबाव को कम करने और दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने के लिए 15.57 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड बाईपास के निर्माण को प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए ₹631.73 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है।

​एनएच-44 और एनएच-39 के बीच बनेगा सीधा कॉरिडोर

​सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की संस्तुति के अनुसार, यह नया चार-लेन बाईपास शहर के दक्षिणी हिस्से में बनाया जाएगा।

  • शुरुआत: राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर स्थित बंगाय खास गांव (किमी 16/920) से।
  • समाप्ति: राष्ट्रीय राजमार्ग-39 (NH-39) पर स्थित ओरछा तिगेला (किमी 6/650) पर।
  • तकनीक: इसका निर्माण EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मोड पर NHAI द्वारा किया जाएगा।

​सांसद अनुराग शर्मा की मेहनत लाई रंग

​झांसी-ललितपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग शर्मा इस परियोजना के लिए लंबे समय से प्रयासरत थे। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से कई दौर की वार्ता की और झांसी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव तथा भविष्य की जरूरतों को उनके सामने रखा। मंत्रालय द्वारा वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद सांसद ने इसे बुंदेलखंड के विकास में “मील का पत्थर” बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया।

​क्यों खास है यह ग्रीनफील्ड बाईपास? (प्रमुख लाभ)

  1. जाम से मुक्ति: ललितपुर से कानपुर या ग्वालियर की ओर जाने वाले भारी वाहनों को अब शहर के बीच से नहीं गुजरना होगा। वे सीधे बाईपास का उपयोग कर बाहर निकल सकेंगे।
  2. समय और ईंधन की बचत: वर्तमान में भारी वाहनों को शहर से गुजरने के दौरान लगभग 25 किमी का अतिरिक्त चक्कर और घंटों जाम का सामना करना पड़ता था। नया मार्ग इसे काफी कम कर देगा।
  3. औद्योगिक विकास: यह बाईपास बीडा (BIDA) के तहत विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।
  4. यूपी-एमपी कनेक्टिविटी: यह सड़क उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा के बीच व्यापारिक और व्यक्तिगत आवागमन को सुगम बनाएगी।

​निर्माण और निगरानी

​भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों के अनुसार, इसके लिए ‘ग्रीनफील्ड’ क्षेत्र यानी नया रूट चुना गया है, जिससे भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य में बाधाएं कम होंगी। परियोजना की निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है ताकि कार्य समय सीमा के भीतर पूरा हो सके।

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