राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा कदम: आभूषणों के बाद अब आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा किया सार्वजनिक; पारदर्शिता से धोया ‘दान घोटाले’ का दाग
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दिया पाई-पाई का हिसाब; एसआईटी जांच के बीच भक्तों के सामने रखी मंदिर की कमाई और खर्च की पूरी रिपोर्ट

टुडे इंडिया न्यूज एमपी (Today India News MP)
विशेष कवरेज: अयोध्या राम मंदिर वित्तीय पारदर्शिता रिपोर्ट
अयोध्या / भोपाल:
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और बहुमूल्य आभूषणों को लेकर लगे आरोपों (#RamMandirDonationScam) के बीच ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ ने पारदर्शिता की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मीडिया के सामने रामलला के दिव्य आभूषणों और 5 करोड़ की स्वर्ण-परत वाली ‘रामचरितमानस’ प्रदर्शित करने के तुरंत बाद, ट्रस्ट ने मंदिर के आय और व्यय (Income and Expenditure) का पूरा आधिकारिक लेखा-जोखा भी देश के सामने रख दिया है।

ट्रस्ट का कहना है कि वे श्रद्धालुओं के विश्वास को किसी भी कीमत पर ठेस नहीं पहुंचने देंगे, इसलिए मंदिर की वित्तीय स्थिति को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जा रहा है।
ट्रस्ट द्वारा पेश किया गया आय-व्यय का मुख्य विवरण
ट्रस्ट की ओर से पेश किए गए वित्तीय विवरण में मंदिर को मिले कुल नकद दान, ऑनलाइन ट्रांजेक्शंस, बैंक ब्याज और निर्माण कार्य सहित विभिन्न व्यवस्थाओं पर हुए खर्च की विस्तृत जानकारी दी गई है।
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वित्तीय श्रेणी (Category) |
मुख्य विवरण (Details) |
पारदर्शिता स्थिति (Status) |
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कुल प्राप्तियां (Total Income) |
देश-विदेश के श्रद्धालुओं से मिला नकद दान, चेक, ऑनलाइन ट्रांसफर (UPI/RTGS) और सोने-चांदी के रूप में प्राप्त चढ़ावा। |
ऑडिटेड और पूरी तरह से प्रमाणित। |
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बैंक सावधि जमा (Fixed Deposits) |
दान में मिली अतिरिक्त राशि को राष्ट्रीयकृत बैंकों में सुरक्षित एफडी (FD) के रूप में रखा गया है, जिससे नियमित ब्याज मिल रहा है। |
बैंक स्टेटमेंट के साथ सार्वजनिक। |
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निर्माण एवं विकास व्यय |
मंदिर के मुख्य ढांचे का निर्माण, परकोटा, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं (PFC) और परिसर के सुंदरीकरण पर हुआ खर्च। |
निर्माण कंपनियों और सीए (CA) द्वारा सत्यापित। |
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सामाजिक एवं धर्मार्थ कार्य |
मंदिर के आसपास चिकित्सा सुविधाएं, लंगर (भंडारा) व्यवस्था और अन्य जनकल्याणकारी कार्यों में खर्च की गई राशि। |
मासिक रिपोर्ट के साथ उपलब्ध। |
“भक्तों का एक-एक पैसा और तिनका सुरक्षित है” — ट्रस्ट
विवादों पर विराम लगाते हुए ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों और कोषाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि दानपात्रों की सुरक्षा और गिनती की प्रक्रिया को अब पूरी तरह से डिजिटल और सीसीटीवी (CCTV) निगरानी में डाल दिया गया है।
ट्रस्ट के मुख्य प्रवक्ता ने कहा:
”हाल ही में सामने आए चोरी के मामलों को देखते हुए हमने आंतरिक ऑडिट को और सख्त कर दिया है। एसआईटी (SIT) की जांच अपनी जगह चल रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन हम दुनिया भर के रामभक्तों को यह आश्वस्त करना चाहते हैं कि रामलला के खजाने का एक-एक पैसा और भक्तों का दिया एक-एक तिनका पूरी तरह सुरक्षित है। यह आय-व्यय का ब्यौरा हमारी ईमानदारी और पारदर्शिता का प्रमाण है।”
मुख्य सुरक्षात्मक सुधार: अब चोरी की कोई गुंजाइश नहीं
भविष्य में इस तरह के विवादों और चोरियों को रोकने के लिए ट्रस्ट ने अपनी व्यवस्थाओं में निम्नलिखित बड़े बदलाव किए हैं:
- डिजिटल काउंटिंग रूम: दानपात्रों से निकलने वाली नकदी की गिनती के लिए एक हाई-टेक रूम बनाया गया है, जहां चौबीसों घंटे लाइव सीसीटीवी मॉनिटरिंग होगी।
- विदेशी मुद्रा ट्रैकिंग: विदेशी श्रद्धालुओं से मिलने वाले दान (FCRA) के लिए एक विशेष डेस्क स्थापित की गई है, ताकि विदेशी मुद्रा का मिलान तुरंत बैंकों से किया जा सके।
- साप्ताहिक ऑडिट रिपोर्ट: अब ट्रस्ट हर सप्ताह अपनी वित्तीय प्राप्तियों और खर्चों का एक संक्षिप्त विवरण तैयार करेगा, जिसे आगामी 22 अगस्त की महाबैठक के बाद एक ऑनलाइन पोर्टल पर भी लाइव किया जा सकता है।
जांच और आगामी कार्रवाई
याद दिला दें कि जून 2026 में दर्ज हुई एफआईआर के बाद एसआईटी ने इस मामले में गहरी तफ्तीश की है, जिसमें मंदिर परिसर और दान काउंटर से जुड़े कुछ संदिग्घों से करीब 80 लाख रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं। ट्रस्ट द्वारा वित्तीय लेखा-जोखा सामने रखने के बाद अब विरोधियों के दावों पर विराम लगता दिखाई दे रहा है, क्योंकि बैंक स्टेटमेंट और आभूषणों के फिजिकल वेरिफिकेशन की तस्वीरें खुद ट्रस्ट ने सार्वजनिक कर दी हैं।
(टुडे इंडिया न्यूज एमपी के लिए अयोध्या से विशेष रिपोर्ट)




