कटनी सीएसपी नेहा पच्चीसिया का हैरान करने वाला सफर: मां ने कई दिन भूखी रहकर पढ़ाया, पर 15 लाख के लालच ने डुबोई साख
एयर होस्टेस से डीएसपी बनने तक का संघर्ष हुआ तार-तार, करोड़ों की जमीन के खेल में फंसकर हुईं निलंबित और दर्ज हुई एफआईआर

टुडे इंडिया न्यूज एमपी
कटनी/भोपाल:
मध्य प्रदेश पुलिस महकमे से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। कभी अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर एयर होस्टेस से लेकर राज्य प्रशासनिक सेवा (MPPSC) तक का सफर तय करने वाली कटनी की नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया विवादों के भंवर में बुरी तरह फंस चुकी हैं। करोड़ों की जमीन के कथित फर्जीवाड़े और 15 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन के गंभीर आरोपों के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देशों पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
संघर्षों से भरा रहा है नेहा का शुरुआती जीवन
मीडिया रिपोर्ट्स और उनके अब तक के सफर के मुताबिक, नेहा पच्चीसिया का मुकाम हासिल करना आसान नहीं था। एक वक्त ऐसा भी था जब उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी और उनकी मां ने उन्हें पढ़ाने-लिखाने के लिए खुद कई-कई दिन तक भूखा रहकर भयंकर संघर्ष किया था। कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने एविएशन सेक्टर (एयर इंडिया में एयर होस्टेस) में काम करने के बाद MPPSC-2012 की परीक्षा पास की और पूरे प्रदेश में 20वीं रैंक हासिल कर डीएसपी का पद पाया। लेकिन कहते हैं न कि चंद रुपयों का लालच इंसान की बरसों की तपस्या और ईमानदारी की कमाई पर पानी फेर देता है, और इस मामले में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला है।
क्या है पूरा जमीन घोटाला और 15 लाख का खेल?
- सस्ती जमीन का बड़ा सौदा: यह पूरा मामला कटनी जिले के कुठला थाना क्षेत्र के कन्हवारा गांव से जुड़ा है। आरोप है कि एक हत्या के मामले के आरोपी (रमेश लोधी) के परिवार पर पुलिसिया दबाव और खौफ का इस्तेमाल कर, करीब 82 लाख 86 हजार रुपये की सरकारी गाइडलाइन वाली बेशकीमती जमीन मात्र 18.20 लाख रुपये में ही अपने करीबियों के नाम लिखवा ली गई।
- 15 लाख रुपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन: जांच में खुलासा हुआ कि जिस व्यक्ति (मारूफ अहमद हनफी) के नाम पर यह जमीन कागजों में खरीदी गई, उसके बैंक खाते में पर्याप्त रकम थी ही नहीं। रजिस्ट्री के दिन (15 अप्रैल 2026) उसके खाते में अलग-अलग खातों से 15 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे, जिसमें वित्तीय गड़बड़ी और एक ही पैन कार्ड के इस्तेमाल जैसे कई संदिग्ध सुराग मिले हैं।
- खाकी की धौंस: जांच रिपोर्ट में यह बात खुलकर सामने आई कि कैसे प्रशासनिक पद और पुलिस तंत्र का दुरुपयोग कर एक लाचार और संकट में फंसे परिवार को प्रताड़ित किया गया।
प्रशासनिक स्तर पर हुआ ताबड़तोड़ एक्शन
- मुख्यमंत्री का कड़ा रुख: मामला संज्ञान में आते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे बेहद गंभीरता से लिया और मुख्य सचिव को तुरंत सीएसपी को निलंबित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
- एफ.आई.आर. और दफ्तर सील: कुठला थाने में सीएसपी नेहा पच्चीसिया सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं (धोखाधड़ी, पद का दुरुपयोग और आपराधिक षड्यंत्र) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सीएसपी के दफ्तर को भी सील कर दिया है।
विशेष टिप्पणी: एक काबिल और संघर्षशील अधिकारी का इस तरह भ्रष्टाचार और लालच के दलदल में धंसना न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को शर्मसार करता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि कानून के हाथ से कोई नहीं बच सकता, चाहे वह वर्दी की ताकत के नशे में ही क्यों न हो।
टुडे इंडिया न्यूज़ एमपी के लिए विशेष रिपोर्ट।




