केंद्रीय बजट व रेल बजट 2026 : विकास, अधोसंरचना और रोजगार पर केंद्रित – प्रशासन व सत्तापक्ष ने सराहा, विपक्ष ने उठाए सवाल
केंद्रीय बजट व रेल बजट 2026 : सरकार का ‘विकसित भारत’ दावा बनाम विपक्ष का ‘जुमला बजट’ आरोप

निवाड़ी | राजनीतिक विशेष रिपोर्ट
केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट एवं रेल बजट 2026 ने एक बार फिर देश की राजनीति को गर्मा दिया है। सत्ता पक्ष इसे भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में निर्णायक कदम बता रहा है, तो वहीं विपक्ष इस बजट को महंगाई, बेरोजगारी और किसान संकट से ध्यान भटकाने वाला चुनावी दस्तावेज करार दे रहा है। मध्यप्रदेश से लेकर निवाड़ी जिले तक बजट को लेकर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव : “यह बजट आत्मनिर्भर और विकसित भारत की मजबूत नींव”
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय बजट और रेल बजट का खुलकर समर्थन करते हुए कहा कि—
“यह बजट केवल आंकड़ों का पुलिंदा नहीं, बल्कि विकसित भारत के सपने को साकार करने का रोडमैप है। इसमें किसान, युवा, महिला, गरीब और मध्यम वर्ग—सभी के लिए ठोस प्रावधान किए गए हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल बजट में अधोसंरचना के लिए किया गया रिकॉर्ड निवेश मध्यप्रदेश और बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों के लिए गेमचेंजर साबित होगा। उन्होंने दावा किया कि नई रेल परियोजनाओं, स्टेशन पुनर्विकास और लॉजिस्टिक्स हब से रोजगार के हजारों अवसर सृजित होंगे।
डॉ. यादव ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि
“जो दल वर्षों तक केवल घोषणाएं करते रहे, वे आज विकास के हर प्रयास पर राजनीति कर रहे हैं। जनता अब सब समझती है।”

विधायक अनिल जैन : “बुंदेलखंड के लिए उम्मीदों का बजट”
निवाड़ी विधायक अनिल जैन ने बजट को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि—
“केंद्रीय बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और अधोसंरचना को जो प्राथमिकता दी गई है, उससे बुंदेलखंड के विकास को नई दिशा मिलेगी। रेल बजट में यात्री सुविधाओं और नई लाइनों पर फोकस स्वागतयोग्य है।”
उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि जब विकास धरातल पर दिखता है, तब विरोधियों के पास केवल बयानबाज़ी बचती है।

नगर परिषद उपाध्यक्ष सत्यदेव तिवारी : “शहरी विकास को मिलेगा बल”
नगर परिषद निवाड़ी के उपाध्यक्ष सत्यदेव तिवारी ने कहा कि—
“इस बजट में शहरी निकायों को सशक्त करने की मंशा साफ दिखाई देती है। आवास, स्वच्छता, अमृत योजनाओं और ट्रांसपोर्ट से छोटे शहरों को सीधा लाभ मिलेगा।”
उन्होंने कहा कि रेल बजट से व्यापार और आवागमन आसान होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

विपक्ष का तीखा हमला : “यह बजट अमीरों का, गरीबों के लिए भाषण”
कांग्रेस का आरोप
प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने बजट को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि—
महंगाई पर कोई ठोस राहत नहीं
बेरोजगारी के सवाल पर सरकार मौन
किसानों के लिए समर्थन मूल्य और कर्ज राहत पर निराशा
सामाजिक क्षेत्र में कटौती

निवाड़ी कांग्रेस नेता अनूप बड़ोनिया का कहना है कि
“यह बजट जनता की जेब से पैसा निकालकर कॉर्पोरेट घरानों को सौंपने की नीति को आगे बढ़ाता है।”
अन्य विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया

अन्य विपक्षी दलों ने भी बजट को लेकर सरकार पर हमला बोला।। नेताओं ने कहा कि रेल बजट में निजीकरण की आहट साफ सुनाई दे रही है और भविष्य में किराया बढ़ोतरी का बोझ आम यात्रियों पर पड़ेगा।
एक विपक्षी नेता ने तंज कसते हुए कहा
“सरकार रेल स्टेशनों को चमकाने में व्यस्त है, लेकिन आम आदमी के सफर को सस्ता और सुरक्षित बनाने पर चुप है।”

राजनीतिक संदेश साफ : विकास बनाम विश्वास
केंद्रीय बजट और रेल बजट 2026 ने साफ कर दिया है कि आगामी समय में विकास बनाम विश्वास की राजनीतिक लड़ाई और तेज होगी। सत्ता पक्ष इसे आर्थिक सुधारों की जीत बता रहा है, जबकि विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है।
विशेषज्ञों मानना है कि बजट के प्रावधानों का वास्तविक असर आने वाले महीनों में दिखेगा और यही असर 2026-27 की राजनीति की दिशा तय करेगा।




