Welcome to Today India News MP   Click to listen highlighted text! Welcome to Today India News MP
E-Paperhttps://todayindianewsmp.live/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifUncategorizedकलपक्कमटेक्नोलॉजीटॉप न्यूज़तमिलनाडुदुनियादेशनईदिल्लीनिवाड़ीभोपालमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघसेवा तीर्थ PMOसोशल मीडिया प्लेटफार्म

​परमाणु ऊर्जा में भारत की महाशक्ति बनने की ओर बड़ी छलांग: कलपक्कम में ‘फास्ट ब्रीडर रिएक्टर’ सफल

​पीएम मोदी ने दी बधाई; दूसरे चरण में प्रवेश के साथ भारत ने रचा इतिहास, अब खुद पैदा करेगा अपना ईंधन

नई दिल्ली/कलपक्कम:

भारत ने अपने नागरिक परमाणु कार्यक्रम के क्षेत्र में एक ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जिसने देश को दुनिया के गिने-चुने देशों की कतार में खड़ा कर दिया है। तमिलनाडु के कलपक्कम में स्वदेशी तकनीक से निर्मित ‘प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर’ (PFBR) ने ‘क्रिटिकैलिटी’ (Criticality) का स्तर प्राप्त कर लिया है। इस सफलता के साथ ही भारत ने अपने परमाणु कार्यक्रम के अत्यंत महत्वपूर्ण दूसरे चरण में आधिकारिक तौर पर प्रवेश कर लिया है।

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से इस गौरवशाली क्षण को साझा किया। उन्होंने इसे भारत की नागरिक परमाणु यात्रा का एक ‘निर्णायक मोड़’ बताते हुए देश के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई दी।

क्या है इस उपलब्धि के मायने?

​परमाणु कार्यक्रम के इस दूसरे चरण की शुरुआत भारत के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाली है। इस रिएक्टर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जितना ईंधन इस्तेमाल करेगा, उससे कहीं अधिक पैदा करेगा।

  • स्वदेशी तकनीक का लोहा: यह रिएक्टर पूरी तरह से भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
  • थोरियम का मार्ग प्रशस्त: यह सफलता भारत के विशाल थोरियम भंडार का उपयोग करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो भविष्य में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
  • सतत ऊर्जा: यह तकनीक परमाणु कचरे को कम करने और बिजली उत्पादन की क्षमता को कई गुना बढ़ाने में सहायक होगी।

प्रधानमंत्री ने क्या कहा?

​पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा:

​”आज भारत ने अपनी नागरिक परमाणु यात्रा में एक निर्णायक कदम उठाया है। कलपक्कम में स्वदेशी प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली है। यह हमारे वैज्ञानिकों की गहराई और इंजीनियरिंग कौशल का प्रमाण है।”

 

विशेषज्ञों की नजर में:

​रक्षा और ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि रूस के बाद भारत ऐसा दूसरा देश बन गया है जिसके पास इस स्तर की उन्नत फास्ट ब्रीडर तकनीक मौजूद है। यह उपलब्धि न केवल भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत के वैज्ञानिक प्रभुत्व को भी स्थापित करेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!