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“मैं राजनेता नहीं, Spiritual Leader हूँ” — बांदा में बागेश्वर बाबा का मुस्लिम आबादी पर बड़ा बयान

धार्मिक मंच से जनसंख्या संतुलन को लेकर जताई चिंता, बोले— समाज और राष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर बोलना मेरा धर्म

निवाड़ी,बांदा (उत्तर प्रदेश)। todayindianewsmp.live
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बागेश्वर बाबा ने उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान अपने बयान से सियासी और सामाजिक हलकों में चर्चा छेड़ दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “मैं कोई राजनेता नहीं हूँ, मैं एक Spiritual Leader हूँ”, लेकिन साथ ही उन्होंने मुस्लिम आबादी और जनसंख्या संतुलन को लेकर चिंता जताई।

धार्मिक मंच से दिया गया बयान

 

बागेश्वर बाबा ने कहा कि उनका उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करना है। उन्होंने मंच से कहा कि देश में जनसंख्या असंतुलन एक गंभीर विषय बनता जा रहा है और इस पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने जोड़ा कि अगर आज इस विषय पर बात नहीं की गई, तो आने वाले समय में इसके परिणाम समाज को भुगतने पड़ सकते हैं।

सवाल उठाना राजनीति नहीं”

बाबा ने अपने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि
“अगर कोई साधु समाज और देश के भविष्य को लेकर सवाल उठाता है, तो उसे राजनीति से जोड़ना गलत है।”
उन्होंने कहा कि वे किसी पार्टी या चुनाव से जुड़े नहीं हैं और न ही उनका ऐसा कोई इरादा है, लेकिन राष्ट्र और संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर बोलना उनका धर्म है।

मुस्लिम आबादी पर टिप्पणी से बढ़ी बहस

  1. बागेश्वर बाबा की मुस्लिम आबादी को लेकर की गई टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।
    कुछ लोग इसे जनसंख्या नियंत्रण की जरूरत से जोड़कर देख रहे हैं, तो वहीं कुछ वर्गों ने इसे विवादास्पद बयान बताया है।

समर्थकों का कहना
समर्थकों का कहना है कि बागेश्वर बाबा समाज की सच्चाई को सामने रख रहे हैं और उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
उनका मानना है कि Spiritual Leader होने के नाते सामाजिक विषयों पर बोलना उनका अधिकार है।

विरोधियों की प्रतिक्रिया
वहीं, विरोधी पक्ष का कहना है कि धार्मिक मंच से किसी विशेष समुदाय की आबादी पर टिप्पणी करना समाज में तनाव पैदा कर सकता है और ऐसे बयानों से बचना चाहिए।

बांदा में दिया गया बागेश्वर बाबा का यह बयान एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि धर्म, समाज और राजनीति की सीमाएं कहाँ तक हैं।
हालांकि बाबा खुद को राजनीति से दूर बताते हैं, लेकिन उनके बयानों का असर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं में साफ देखा जा रहा है।

Chief Editor Ajay Kumar Gupta Babuji

सच के साथ वन्देमातरम

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